राजस्थान (Rajasthan) के झुंझुनूं में एक किसान ने जमीन का मुआवजा न मिलने पर परिवार के साथ सामूहिक आत्मदाह की धमकी दी. उनकी धमकी के बाद जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में उन्हें रोकने के लिए पुलिस की फौज उतार दी गई. और उन्हें आत्मदाह करने से रोक लिया गया. लेकिन इसके बदले पुलिस ने उनको लंबा चौड़ा बिल थमा दिया. ये बिल उस सिक्योरिटी के बदले भेजा गया है जो किसान की सुरक्षा पर खर्च हुए थे. साथ ही पैसे जमा करने के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है. पैसे जमा नहीं करने की सूरत में कार्रवाई की भी धमकी दी गई है.
किसान ने आत्मदाह की धमकी दी थी, पुलिस ने सिक्योरिटी लगा दी, फिर 9.91 लाख का बिल थमा दिया
Rajasthan के झुंझुनूं में परिवार समेत आत्मदाह करने जा रहे किसान को रोकने आई पुलिस ने 9.91 लाख का जुर्माना लगा दिया है. जुर्माने की रकम जमा करने के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है. ऐसा ना करने की सूरत में कार्रवाई की भी धमकी दी गई है.


झुंझुनूं SP शरद चौधरी ने राजस्थान सरकार के एक आदेश का हवाला देते हुए किसान विद्याधर यादव को नोटिस दिया है. किसान परिवार को सामूहिक आत्मदाह से बचाने के लिए एक ASP, 2 DSP, 2 CI, 3 ASI, 6 ASI, 18 हेड कांस्टेबल और 67 कांस्टेबल समेत कुल 99 पुलिस अधिकारियों को लगाया गया था. इसके साथ राजकीय वाहनों का भी इस्तेमाल किया गया. जिसके चलते राजकोष पर अतिरिक्त भार पड़ा है.
नोटिस के मुताबिक विद्याधर यादव और उनकी परिवार की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए 9 लाख 91 हजार 577 रुपए खर्च हुए. इस रकम को 24 दिसंबर तक SP ऑफिस के लेखा शाखा में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं . और अगर ऐसा नहीं होता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चार साल पहले राजस्थान के झुंझुनू में एक सीमेंट कंपनी ने उनकी जमीन और घर का अधिग्रहण किया था. विद्याधर यादव इसके बदले 6 करोड़ का मुआवजा और सीमेंट फैक्ट्री में नौकरी की मांग रहे थे. इस साल 5 नवंबर को सीमेंट कंपनी ने उनका घर गिरा दिया. और सिर्फ 4 करोड़ की पेशकश की. जिसके बाद यादव ने जिला प्रशासन को बताया कि अगर वे उनकी मांग नहीं मानते हैं तो वह और उनका परिवार 11 दिसंबर को सामूहिक आत्मदाह कर लेगा.
यह पहली बार है जब राजस्थान पुलिस ने आत्मदाह रोकने से जुड़े किसी मामले में नोटिस जारी किया है. नोटिस ने विद्याधर यादव और उनके परिवार को सदमे में डाल दिया है. वहीं SP शरद चौधरी ने बताया कि किसान को नोटिस का पालन करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है. अगर राशि जमा नहीं कराई गई तो कार्रवाई की जाएगी.
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