उत्तर प्रदेश के वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का मामला और उलझता जा रहा है. 25 सितंबर को प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी ने अपनी जान दे दी थी. दीपक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट कटने और ज्यादा ब्लीडिंग के कारण मौत की बात सामने आई. मामले की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद हुआ है. इस घटना के बाद अब मथुरा, वृंदावन समेत बाकी राज्यों के साधुओं ने नाराजगी जताई है.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर बोले वृंदावन के साधु-संत, 'महात्मा के साथ आतंकी जैसा...'
वृंदावन के ललित कुंज आश्रम में धर्म रक्षा संघ के बैनर तले एक बैठक बुलाई गई. जिसमें साधु संतों ने प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है. बैठक में यह भी कहा गया कि साधु-संत के साथ आतंकियों जैसा सलूक हो रहा है.

वृंदावन के ललित कुंज आश्रम में धर्म रक्षा संघ के बैनर तले एक बैठक बुलाई गई. जिसमें साधु-संतों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है. धर्म रक्षा संघ की इस बैठक में महंत गंगादास जी महाराज ने कहा, 'उस महात्मा के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार हुआ है. यह काम किसी भले आदमी ने नहीं, बल्कि आतंकी प्रवृत्ति वाले शख्स ने ही किया है.’
क्या है पूरा मामला?रसिक दुलारी वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रह रहे थे. बिल्डिंग प्रेमानंद के ट्रस्ट केली कुंज की है. इसमें प्रेमानंद के आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं. यह बिल्डिंग उनके पुराने केली कुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है. इसी बिल्डिंग के चौथे फ्लोर से कूदकर रसिक दुलारी ने जान दे दी.
शुरू में ये मामला सिर्फ जान देने से जुड़ा लग रहा था. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस फॉरेंसिक टीम और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ उनके साथियों से पूछताछ की. इसके बाद पुलिस अब हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है.
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पुलिस क्या कर रही है?पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उन्होंने अपनी जान देने से पहले खुद को ग्राइंडर से क्षति पहुंचाई थी? इसके पीछे कोई दूसरा कारण तो नहीं था. साथ ही पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दीपक के शरीर पर लगी असामान्य चोटें आखिर कैसे आईं. पोस्टमार्टम के मुताबिक दीपक के शरीर पर छह जगह चोटें मिली हैं. उनके पैर की हड्डी टूटी थी, पसली में फ्रैक्चर था और सिर पर भी गंभीर चोट लगी थी.
फिलहाल पुलिस ने दीपक के खून का सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. इससे पता चल सकता है कि उन्होंने घटना से पहले कोई नशीला पदार्थ, जहरीली चीज या कोई दूसरी संदिग्ध चीज का तो सेवन नहीं किया था. पुलिस अब आश्रम से जुड़े कुछ कर्मचारियों और सेवकों से भी पूछताछ कर रही है.
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