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'...तुम्हारे हाथ खून से सने हैं', युद्ध पर पोप लियो ने किसे दिखाया आईना?

Pope Leo XIV Palm Sunday Mass message: 29 मार्च को पोप लियो XIV ने 'पाम संडे मास' के दौरान लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ईश्वर के नाम पर युद्ध को जायज ठहराने के लिए ईश्वर का नाम लेने वालों पर कटाक्ष किया. कहा कि जिनके हाथ खून से सने होते हैं. भगवान उनकी नहीं सुनते.

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पोप लियो अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करने के लिए जाने जाते हैं. (फोटो- इंडिया टुडे)

पोप लियो XIV ने युद्ध करने वालों पर कटाक्ष किया है. 29 मार्च को 'पाम संडे मास' के दौरान पोप ने लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ईश्वर उन लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते जो युद्ध करते हैं या अपनी हिंसा को सही ठहराने के लिए ईश्वर का हवाला देते हैं.

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पोप लियो ने वेटिकन सिटी में सेंट पीटर्स स्क्वायर में हजारों लोगों के सामने कहा कि ईश्वर ‘शांति के राजा’ हैं. वे उन लोगों को सांत्वना देता है जो पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, "भाइयों और बहनों यही हमारे ईश्वर हैं. यीशु शांति के राजा. वे युद्ध को अस्वीकार करते हैं. कोई भी युद्ध को सही ठहराने के लिए उनका नाम नहीं ले सकता."

उन्होंने बाइबल के एक अंश का हवाला देते हुए कहा,

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“ईश्वर युद्ध छेड़ने वाले लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते, बल्कि उन्हें यह कहते हुए ठुकरा देते हैं कि भले ही तुम कितनी भी प्रार्थनाएं करो मैं नहीं सुनूंगा, तुम्हारे हाथ खून से सने हैं.”

इस बीच पोप ने मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए अफसोस जाहिर किया. वहां रह रहे ईसाइयों के लिए खास तौर से प्रार्थना करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में ईसाई एक भयानक संघर्ष के परिणाम भुगत रहे हैं. और हो सकता है कि वे ईस्टर न मना पाएं. इस समय होने वाले रीति-रिवाजों को ना निभा पाएं. 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, U.S. डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने पेंटागन में एक प्रार्थना सभा के दौरान उन लोगों के लिए हिंसा की कार्रवाई के लिए प्रेयर की थी, जो उनके हिसाब से ‘दया के लायक नहीं’ हैं. हालांकि पोप लियो ने किसी भी नेता का नाम लिए बिना कहा कि कि ईश्वर ने खुद को ना ही हथियार नहीं दिया और न ही अपना बचाव किया और ना ही कोई युद्ध लड़ा. उन्होंने हमेशा हिंसा को नकारा है.

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इजरायल में हुई आलोचना

'पाम संडे मास' को लेकर खबर इजरायल से भी आई थी. वहां की पुलिस ने सदियों में पहली बार सुरक्षा कारणों की वजह से कैथोलिक नेताओं को ‘चर्च ऑफ द होली सेपल्चर’ में प्राइवेट मास करने से रोक दिया था. इस निर्णय की काफी आलोचना हुई. जिसके बाद सरकार ने यरूशलम के लैटिन पैट्रिआर्केट को द होली सेपल्चर में जाने की परमिशन दे दी थी.

पाम संडे यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले यरूशलम में उनके विजयी प्रवेश का प्रतीक है. इसे ईसाई गुड फ्राइडे से एक हफ्ता पहले मनाते हैं. गुड फ्राइडे को यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने और ईस्टर संडे को उनके और ईस्टर संडे को उनके पुनर्जीवित होने की याद में मनाया जाता है.

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