दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मुंबई में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेता अभिजीत दिपके से मिले. इस पर चर्चित एक्टर और राइटर पीयूष मिश्रा ने एक वीडियो बनाया. वीडियो में पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह से शिकायत की है कि वो अभिजीत दिपके से मिले, ये तो ठीक बात है. लेकिन उन्हें स्मित मच्छार को भी बधाई देनी चाहिए, जिन्होंने अपनी बहादुरी से सैकड़ों पैसेंजर्स की जान बचाई.
नसीरुद्दीन शाह से भिड़ने के मूड में पीयूष मिश्रा, स्मित मच्छार का नाम लेकर चैलेंज दे दिया
नसीरुद्दीन शाह के कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके से मिलने पर पीयूष मिश्रा ने वीडियो जारी कर उनसे सवाल किए. उन्होंने कहा कि शाह को फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की भी तारीफ करनी चाहिए.

वीडियो में पीयूष मिश्रा सीधे नसीरुद्दीन शाह को संबोधित कर रहे थे. इसमें वो कहते हैं,
हां, नसीर साहब, आदाब अर्ज करता हूं. मैं पीयूष मिश्रा हूं. आपका पुराना जानकार. आप अभिजीत दिपके से मिले. बड़ा अच्छा लगा. अभी सर एक हादसा होते-होते टला है. यह तेल अवीव को जाने वाली ‘फ्लाईदुबई’ फ्लाइट 1073 में हुआ. इसमें मिस्टर स्मित मच्छार (Smit Machchhar) ने कमाल किया है. 180 लोगों की जान बचाई. उस पर भी थोड़ा सा कॉमेंट कीजिए. बधाइयां दीजिए सर. उन्हें अच्छा लगेगा. बेचारे शरीफ आदमी हैं और उन्होंने जिन 180 लोगों को जानें बचाई हैं. उनको भी ये और अच्छा लगेगा.
स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कप्तान थे. वो तब सुर्खियों में आए जब चलती फ्लाइट में उनके को-पायलट ने उन पर हमला करके जहाज को हाईजैक करने की कोशिश की. हालांकि, मच्छार ने बहादुरी दिखाते हुए हमलावर का सामना किया और कोई हादसा होने से बचा लिया. हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिसके बाद क्रू मेंबर्स और पैसेंजर्स के दखल से 174 यात्रियों की जान बच पाई.
पीयूष मिश्रा ने और क्या कहा?पीयूष मिश्रा चाहते हैं कि नसीरुद्दीन शाह स्मित मच्छार पर भी कुछ कहें. उन्होंने इस ‘कुछ न कहने’ को नसीरुद्दीन शाह के अभिजीत दिपके से मुलाकात की घटना के सामने खड़ा कर दिया. आलोचना के लहजे में मिश्रा ने कहा,
दिपके से मिलकर नसीरुद्दीन शाह कह रहे थे कि इन छात्रों ने मुझे उतना ही सिखाया है जितना नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) ने सिखाया है. मुझे नहीं पता कि ये छात्र कब अभिनय शिक्षक बन गए.
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पीयूष यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे दावा किया कि झारखंड में राहत कार्यों के लिए उन्होंने एक बार पहले भी नसीरुद्दीन शाह से संपर्क किया था. तब शाह ने कोई मदद भेजने की बजाय उन्हें पाकिस्तान की एक शायरा की नज्म भेजी थी. उन्होंने कहा,
जब मैंने झारखंड के लिए आपसे (शाह से) मदद मांगी थी तो आपने एक पाकिस्तानी शायरा की नज़्म भेजी थी. माफ़ कीजिएगा सर. वहां शायरा की नज़्म नहीं चाहिए. वहां पर आटा चाहिए था, दाल चाहिए थी, रोटी चाहिए थी. वहां पर गुड़ चाहिए था. लिट्टी चाहिए थी. चोखा चाहिए था.
पीयूष ने आगे कहा कि वो इतनी ‘भयंकर’ नज़्म थी कि उनकी समझ में नहीं आई. उनके वीडियो बयान पर अभी तक नसीरुद्दीन शाह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
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