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पाकिस्तान के मदरसे में आत्मघाती धमाका, नमाज पढ़ते हुए मौलाना हामिद हक्कानी की मौत

Pakistan के Khyber Pakhtunkhwa प्रांत के एक मदरसे में आत्मघाती हमला हुआ. इसमें Hamid Ul Haq Haqqani और उनके बेटे सहित पांच लोगों की मौत हो गई.

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मदरसे के धमाके में मारे गए हामिद-उल-हक हक्कानी.( तस्वीर : इंडिया टुडे )

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक मदरसे में आत्मघाती विस्फोट हुआ. इस मदरसे का नाम "दारुल उलूम हक्कानिया” है. धमाके में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत की खबर है. वहीं 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. धमाके में मौलाना हामिद-उल-हक हक्कानी की भी मौत हो गई. वो जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-समी (JUI-S) के प्रमुख थे. उनके पिता मौलाना समी-उल-हक को "फादर ऑफ तालिबान" कहा जाता है.

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पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक, धमाका शुक्रवार 28 फरवरी को दोपहर करीब दो बजे हुआ. इस दौरान मौलाना हामिद-उल-हक मदरसे के मुख्य हॉल में नमाज अदा कर रहे थे. इस हमले में उनके बेटे की भी मौत हो गई. 

खैबर पख्तूनख्वा पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि हमले के मुख्य टारगेट हक्कानी ही थे. इस हमले में तीन पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं. खैबर पख्तूनख्वा सरकार के सूचना सलाहकार बैरिस्टर मोहम्मद अली सैफ ने इस हमले की पुष्टि की और इसे सुनियोजित हमला बताया. KP हेल्थ डिपार्टमेंट ने घायलों के इलाज के लिए पेशावर के सभी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी है.

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वहीं, अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. घटना के बाद से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है. सरकार ने कहा है कि हमले के पीछे कौन सा गुट जिम्मेदार है, इसका जल्द ही पता लगाया जाएगा.

मौलाना हामिद-उल-हक हक्कानी, एक विवादित नेता

हक्कानी एक इस्लामिक स्कॉलर और राजनेता थे. साल 2002 से 2007 तक वो पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी रहे थे. इनके पिता समी-उल-हक की उनके घर में चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद, हक्कानी JUI-S के अध्यक्ष बने और दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे के वाइस चांसलर बने.

साल 2023 में उन्होंने एक धार्मिक दल का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान जाकर तालिबान नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने दावा किया कि इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते सुधरे हैं.

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मौलाना हामिद-उल-हक हक्कानी तालिबान विचारधारा और आत्मघाती हमलों के समर्थक माने जाते थे. और अंत में एक आत्मघाती हमले ने ही उनकी जान ले ली. इनके मदरसे पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या में शामिल होने के आरोप भी लगते हैं. हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इंकार किया था.

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