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TCS यौन उत्पीड़न-धर्मांतरण केस: 3 और पीड़ित सामने आए, HR निदा खान के बारे में क्या पता चला?

पीड़ितों के बयानों के अनुसार, आरोपी उनको इस्लाम और इस्लामी रीति-रिवाजों और प्रथाओं के बारे में बताते थे. उन पर दबाव डालते थे कि वे उनकी सिखाई बातों को मानें. जांच करने वाली टीम ने बताया कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है. मुखबिरों और अन्य कर्मचारियों से बात करने पर कई और पीड़ितों के होने का पता चला है.

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टीसीएस केस के पीड़ितों की संख्या 12 पहुंची. (फोटो- India Today)

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  • नासिक स्थित TCS कैंपस में 12 कर्मचारियों ने छह टीम लीडर्स और एक HR निदा खान पर यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं, जिसमें नए तीन पीड़ित भी सामने आए हैं।
  • जांच के दौरान पता चला कि पीड़ितों को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया, और आरोपियों ने वॉट्सऐप ग्रुप में स्टाफ की चर्चा करते हुए इस मामले को अंजाम दिया।
  • एसआईटी ने कहा कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है, और मामले में आरोपी निदा खान की जांच के लिए TCS से जानकारी मांगी गई है।

महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कैंपस से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले के पीड़ितों की संख्या 12 हो गई है. पहले 8 महिला और एक पुरुष कर्मचारी ने कंपनी के 6 टीम लीडर्स और एक HR निदा खान के खिलाफ शिकायत की थी. इसमें रेप, शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप थे. अब तीन और पीड़ित सामने आए हैं. मामले की जांच कर रही एसआईटी का कहना है कि पीड़ितों की संख्या आगे और बढ़ सकती है.  

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इंडिया टुडे से जुड़े दिव्येश सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने तीन और लोगों से बात की है, जो इस केस के पीड़ित हैं. सामाजिक कलंक और अन्य कुछ मुद्दों के कारण उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं कराई. इन तीनों पीड़ितों के केस में भी आरोपी वहीं हैं, जो बाकी 8 के मामले में थे. इन पीड़ितों को भी कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए निशाना बनाया गया था. आरोपी टीम लीडर्स उन्हें गालियां देते थे. कभी-कभी गलत तरीके से छूते थे और उनकी धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देते थे. पीड़ितों का दावा है कि आरोपी इस्लाम की तारीफ करते और उसका बढ़ा-चढ़ाकर प्रचार करते थे.

पीड़ितों के बयानों के अनुसार, आरोपी उनको इस्लाम और इस्लामी रीति-रिवाजों और प्रथाओं के बारे में बताते थे. उन पर दबाव डालते थे कि वे उनकी सिखाई बातों को मानें. जांच करने वाली टीम ने बताया कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है. मुखबिरों और अन्य कर्मचारियों से बात करने पर कई और पीड़ितों के होने का पता चला है.

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बता दें कि इस मामले की शिकायत सबसे पहले एक स्थानीय नेता ने की थी. उन्होंने पुलिस को बताया था कि TCS बीपीओ कैंपस में काम करने वाली एक महिला ने इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन शुरू कर दिया है. वो रमजान में रोजे भी रखने लगी है. पुलिस ने इसकी सच्चाई पता करने के लिए अंडरकवर एजेंट के तौर पर 4 महिला कॉन्स्टेबल्स को भेजा. ये महिला सिपाही कंपनी के दफ्तर में हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में काम करने लगीं. उन्होंने आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर रखी और बहुत सारी जानकारियां पुलिस को दीं.

पुलिस ने बताया कि जांच में ये सब जानकारी काफी काम आ रही है. इसमें किसी इमरान के बारे में पता चला है. आरोपी दानिश ने बताया कि वो मलेशिया में रहता है. उसकी बारे में पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है. वॉट्सऐप चैट से पता चला है कि इमरान कोई धर्म प्रचारक हो सकता है.

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जांच में ये भी पता चला है कि निदा खान समेत सभी आरोपियों ने एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था. इसके चैट्स पुलिस के हाथ लगे हैं. इस ग्रुप में आरोपी ऑफिस के स्टाफ के बारे में बात करते थे. इस पर भी चर्चा होती थी कि किसे क्या बताया गया. कैसे वो अपने ‘टारगेट’ को प्रभावित कर रहे हैं. इनमें में कई चैट्स डिलीट हैं. उन्हें रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है. 

इसके अलावा जांच टीम ने फरार निदा खान के बारे में TCS को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है. पुलिस ने पूछा है कि कंपनी ने कभी भी निदा खान की जांच क्यों नहीं की और क्या इस बात पर कोई निगरानी रखी जाती थी कि वह नासिक कैंपस में किन लोगों को भर्ती कर रही है. जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों की संख्या बढ़ भी सकती है.

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