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पोल्ट्री फार्म की बिजली कटी, 3 घंटे में भीषण गर्मी से तड़पकर मर गईं 5300 मुर्गियां

फार्म में तापमान बढ़ने की वजह से अंदर फंसी हजारों मुर्गियां बीमार पड़ने लगीं और भीषण गर्मी के हीट स्ट्रेस की वजह से उनकी मौत हो गई. हादसे में मौत का शिकार हुई कुल मुर्गियों का वजन करीब 12 से 12.5 टन तक हो सकता है.

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ओडिशा में बिजली की सप्लाई ठप होने की वजह से 5300 से ज्यादा मुर्गियों की मौत हो गई. (फोटो-इंडिया टुडे)

ओडिशा के मलकानगिरी जिले में एक मुर्गी फार्म (पोल्ट्री फार्म) में करीब 5300 से ज्यादा मुर्गियों की मौत हो गई. बताया गया कि फॉर्म में बिजली की सप्लाई ठप हो गई थी. इसकी वजह से फार्म में कूलिंग का काम रुक गया और भीषण गर्मी की वजह से महज 3 घंटे के भीतर मुर्गियों ने दम तोड़ दिया. NDTV को पोल्ट्री फार्म के मालिक का नाम टूटू पाढ़ी ने बताया कि बिजली गुल होने की वजह से फार्म में लगे सभी कूलिंग सिस्टम बंद हो गए थे. इसकी वजह से 5 हजार से ज्यादा मुर्गियों की मौत हुई है. 

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पाढ़ी का पोल्ट्री फार्म चारों ओर से बंद है. इसमें कूलिंग फैन और वेंटिलेशन से जुड़ी मशीनों को चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है. पाढ़ी का फार्म पूरी तरह से बिजली की सप्लाई पर ही निर्भर है. एनडीटीवी ने स्थानीय रिपोर्टों के हवाले से बताया कि इलाके में बिजली की सप्लाई करने वाले ट्रांसफॉर्मर में खराबी आ गई थी. इसी वजह से पूरी तरह से बिजली की सप्लाई रुक गई. बिजली न मिल पाने की वजह से चारों ओर से बंद पोल्ट्री फार्म में गर्मी बढ़ गई.

डीजल के बिना नहीं चला जनरेटर

फार्म में तापमान बढ़ने की वजह से अंदर फंसी हजारों मुर्गियां बीमार पड़ने लगीं. भीषण गर्मी की वजह से उनकी मौत हो गई. हादसे में मौत का शिकार हुई कुल मुर्गियों का वजन करीब 12 से 12.5 टन तक हो सकता है. पोल्ट्री फार्म के मालिक पाढ़ी ने बताया कि मुर्गियों की जान बचाने के लिए उन्होंने डीजल जनरेटर चलाने की योजना बनाई लेकिन उन्हें पेट्रोल पंप पर डीजल भी नहीं मिला. पाढ़ी ने आरोप लगाया कि पास के पेट्रोल पंप पर डीजल नहीं था.

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उन्होंने यह भी दावा किया कि इमरजेंसी की बात बताने के बाद भी उन्हें बैरलों में डीजल देने से मना कर दिया गया. पाढ़ी ने आगे कहा,

डीजल की समस्या के कारण मुझे भारी नुकसान उठाना पड़ा. बिजली गुल हो गई थी. डीजल के बिना जनरेटर नहीं चल सकता था. मलकानगिरी की भीषण गर्मी में जनरेटर को महज एक घंटे भी चलाने के लिए लगभग 7 लीटर डीजल की जरूरत पड़ती है.

पाढ़ी ने यह भी आरोप लगाया कि डीजल न मिल पाने की वजह से उनकी मुर्गियों की मौत हुई है. बता दें कि इस मामले पर स्थानीय अधिकारियों की ओर से कोई बयान नहीं आया है. न ही अभी तक मुआवजे या डीजल की कमी से जुड़े आरोपों पर कोई टिप्पणी की है.

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