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12वीं में 55% पर NEET क्रैक कर लिया! एक ही परिवार के 5 बच्चों के रिजल्ट पर सवाल उठ रहे

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिंवाल के बेटे विकास बिंवाल ने 12वीं में करीब 55% नंबर हासिल किए थे. लेकिन NEET में उसने करीब 86% स्कोर कर लिया और राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेज 'सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज' में सीट पा ली.

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मांगीलाल बिंवाल (दाएं) और दिनेश बिंवाल (दाएं) को गिरफ्तार किया जा चुका है. (ITG)
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शरत कुमार

NEET पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल के परिवार के पांच बच्चे MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. राजस्थान की बिंवाल फैमिली के इन बच्चों ने NEET परीक्षा में इतने अच्छे अंक हासिल किए थे कि उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिल गया. लेकिन, अब सवाल उठ रहे हैं कि जिन बच्चों के स्कूल में औसत या कम नंबर आते थे, उन्होंने NEET जैसी कठिन परीक्षा में अचानक बेहतरीन प्रदर्शन कैसे किया. इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं.

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स्कूल में साधारण नंबर, NEET में जबरदस्त प्रदर्शन

जांच अधिकारियों का कहा कहना है कि पांच में से दो बच्चे पढ़ाई में एवरेज रहे हैं. ऐसे में उनका NEET अच्छे नंबरों से क्लियर होना शक पैदा करता है. आरोप है कि परिवार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट' (NEET) का पेपर खरीदकर अपने बच्चों को फायदा पहुंचाया.

इस पूरे मामले में विकास बिंवाल की काफी चर्चा हो रही है. विकास राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेज 'सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज' में MBBS (फर्स्ट ईयर) का छात्र है. उसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उसके पिता दिनेश बिंवाल और ताऊ मंगीलाल बिंवाल के साथ गिरफ्तार किया है. इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा में विकास के केवल 30% नंबर आए थे.

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NDTV की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि विकास बिंवाल ने 12वीं में करीब 55% नंबर हासिल किए थे. लेकिन NEET में उसने करीब 86% स्कोर कर लिया और सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में सीट पा ली. सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल बीपी मीणा ने NDTV को बताया कि विकास की पढ़ाई कॉलेज में भी अच्छी नहीं थी. उन्होंने कहा,

"उसकी (विकास) की कॉलेज में अटेंडेंस बहुत कम थी. कई बार वह महीने में सिर्फ एक-दो बार ही आता था. टीचर्स से मिली जानकारी के मुताबिक उसका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था.”

कॉलेज के टेस्ट में विकास औसतन करीब 30% नंबर ही ला पा रहा था. ऐसे में जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर उसने NEET में इतना बड़ा स्कोर कैसे कर लिया.

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परिवार के बाकी बच्चों के नंबर भी जांच के घेरे में

बिंवाल परिवार के बाकी बच्चों के रिकॉर्ड भी अब सवालों में हैं. विकास की कजिन पलक बिंवाल ने 10वीं में 93% और 12वीं में 89% नंबर हासिल किए थे. NEET में उनका 98.61 परसेंटाइल आया था. वे जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही हैं. यह भी एक सरकारी मेडिकल कॉलेज है.

इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार ने SMS मेडिकल कॉलेज की जॉइंट प्रिंसिपल डॉ. मोनिका जैन से बात की. उन्होंने बताया,

"पलक बिंवाल रेगुलर स्टूडेंट हैं. ऐसा नहीं है कि वे बहुत ज्यादा छुट्टी ले रही हैं. बस वे दो दिन से नहीं आ रही हैं... अभी उन्होंने छुट्टी के कारण की एप्लिकेशन नहीं दी है... मैंने उनके इंटरनल मार्क्स का एनालिसिस किया... पलक एक अच्छी स्टूडेंट हैं. बहुत अच्छी तो नहीं कह सकते. लेकिन हां, एबोव एवरेज (औसत से ऊपर) हैं."

मांगीलाल बिंवाल की बेटी प्रगति बिंवाल ने 10वीं में 69% और कोविड के दौरान 12वीं में 91% नंबर हासिल किए थे. NEET में उनका स्कोर करीब 89% रहा. वह दौसा के नवल किशोर शर्मा मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही हैं. पिता की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने भी कॉलेज से छुट्टी ले ली है.

घनश्याम बिंवाल की बेटी सानिया बिंवाल ने 10वीं में 63% और 12वीं में 89% नंबर पाए थे. NEET में उसका 94.07 परसेंटाइल आया. वह मुंबई के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही है. दिनेश बिंवाल की बेटी गुंजन बिंवाल के नंबर भी चर्चा में हैं. उन्होंने 10वीं में 86% और 12वीं में 70% अंक हासिल किए थे. कोचिंग टेस्ट में उनके नंबर 720 में से सिर्फ 320 से 342 के बीच आते थे. लेकिन NEET में उन्होंने 92.53 परसेंटाइल हासिल कर वाराणसी के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पा लिया. अब सानिया और गुंजन दोनों गायब बताई जा रही है.

NEET में बच्चों की कामयाबी पर उठे सवाल

नवंबर 2025 में दिनेश बिंवाल ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर परिवार के 5 बच्चों के MBBS में चयन का जश्न मनाया था. कई कोचिंग संस्थानों ने भी इन बच्चों की सफलता का इस्तेमाल अपने विज्ञापनों में किया.

dinesh biwal neet
(Facebook)

जांच एजेंसियों को शक है कि सिर्फ एक-दो नहीं बल्कि पूरे परिवार को किसी तरह की मदद मिली हो सकती है. एक अधिकारी ने कहा,

"एक ही परिवार के कई सदस्यों का बहुत ज्यादा सक्सेस रेट, जबकि कई लोगों का एकेडमिक रिकॉर्ड एवरेज या उससे कम है, निश्चित रूप से चिंता की बात है."

सूत्रों के मुताबिक परिवार चाहता था कि इस साल भी दो और बच्चे- ऋषि बिंवाल और अमन बिंवाल मेडिकल कॉलेज में पहुंच जाएं. ऋषि ने 10वीं में 43.67% और 12वीं में करीब 50% नंबर हासिल किए थे. कुछ सब्जेक्ट में वह ग्रेस मार्क्स से पास हुआ था. उसने भी इस साल NEET परीक्षा दी है. अमन का रिकॉर्ड भी औसत से नीचे बताया जा रहा है.

वीडियो: नीट मामले में मास्टरमाइंड को सीबीआई ने गिरफ्तार किया

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