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दिल्ली से सर्वे करने आई थी, युवती को भीड़ ने 'बच्चा चोर' कहकर मारा, कपड़े भी फाड़े

ओडिशा में एनजीओ में काम करने वाली महिला पर भीड़ ने हमला कर दिया. इसका वीडियो वायरल है. वीडियो में भीड़ महिला और उनके साथी के साथ मारपीट करते नजर आ रही है. इस दौरान लोगों ने महिला के कपड़े तक फाड़ दिए.

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ओडिशा में NGO महिला वर्कर से साथ भीड़ ने मारपीट की. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • ओडिशा के रायगढ़ा जिले में 16 जून को एक 22 साल की महिला NGO वर्कर और उनके साथी के साथ भीड़ ने ‘बच्चा चोर’ का आरोप लगाकर मारपीट की और पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया।
  • इस घटना के पीछे कंदुलगुड़ा गांव के पास एक व्यक्ति द्वारा महिला और उनके साथी से स्कूटर की चाबी छीन कर ‘बच्चा चोर’ की अफवाह फैलाने का कारण था, जिससे भीड़ जुट गई।
  • पुलिस ने मामले में कार्रवाई कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया और पीड़ितों को इलाज के बाद दिल्ली भेज दिया गया, जबकि इस घटना पर राजनीतिक विरोध और प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है।

ओडिशा में एक 22 साल की महिला NGO वर्कर के साथ मारपीट की गई. भीड़ ने ‘बच्चा चोर’ का आरोप लगाकर कथित तौर पर महिला से बदसलूकी की. इस दौरान उनके पुरुष साथी पर भी भीड़ ने हमला किया. पीड़िता ने भीड़ पर उनके कपड़े फाड़ने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. इस आरोप में 21 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है. 

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घटना मंगलवार, 16 जून को रायगढ़ा जिले की है. पीड़ित महिला अपने साथी के साथ रिसर्च से जुड़े काम के लिए गई थीं. इंडिया टुडे से जुड़े नीतीश की रिपोर्ट के मुताबिक, कंदुलगुड़ा गांव के पास से दोनों स्कूटर से गुजर रहे थे. इस दौरान एक शख्स ने उनके स्कूटर को रोका और उसकी चाबी छीन ली. बताया गया कि आरोपी ने महिला और उनके साथी को ‘बच्चा चोर’ समझा. कुछ ही देर में ये अफवाह पूरे गांव में फैल गई, जिससे मौके पर और भीड़ जुट गई.

भीड़ ने अचानक दोनों पर हमला कर दिया. वायरल वीडियो में भीड़ महिला और उनके साथी के साथ मारपीट करते नजर आ रही है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ ने महिला के कपड़े फाड़ दिए और उनके बाल को पकड़कर घसीटा. महिला ने बताया कि उन्होंने कई बार भीड़ को समझाने की कोशिश की कि वो रिसर्च का काम करने आए हैं. वे लोग ‘बच्चा चोर’ नहीं हैं. लेकिन भीड़ ने उनकी बात नहीं सुनी.

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दिल्ली से ओडिशा काम से आए थे

महिला के मुताबिक, वह और उनके साथी एक एनजीओ में काम करते हैं. वो दिल्ली से आए और ओडिशा के रायगढ़ा, कंधमाल और कालाहांडी जिलों में सर्वे कर रहे थे. तभी ये ‘बच्चा चोर’ वाली अफवाह फैल गई. जब उनके साथ भीड़ मारपीट कर रही थी, तब महिला को बचाने के लिए एक लोकल ड्राइवर बलराम बाघ सामने आए. उन्होंने भीड़ में घुसकर महिला को बचाया. अपने टी-शर्ट से उनके शरीर को ढका और पुलिस की मदद लेकर दोनों लोगो को हॉस्पिटल पहुंचाया. बलराम के मुताबिक, भीड़ इतने गुस्से में थी कि किसी की भी नहीं सुन रही थी.

यहां तक कि पुलिस के पहुंचने के बावजूद भीड़ खुद पर काबू नहीं कर पा रही थी. पुलिस जिस गाड़ी में दोनों को ले जा रही थी, भीड़ उस गाड़ी का भी पीछा कर रही थी. रायगढ़ा एसपी राज प्रसाद ने मामले की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि ये सारी घटना अफवाह फैलने के कारण हुई. पीड़ितों को उचित इलाज देकर उनके घर दिल्ली पहुंचा दिया गया है. इस मामले ने पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

घटना पर राजनीति भी शुरू

पूरे मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. विपक्षी पार्टियों ने ओडिशा की बीजेपी सरकार को घेरा है. बीजू जनता दल के नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने इस घटना को ‘बर्बर’ और ‘शर्मनाक’ बताया. अपने एक X पोस्ट में उन्होंने महिला सुरक्षा पर सरकार से सवाल पूछा. साथ ही महिला सुरक्षा के मामले में ओडिशा की छवि पर भी चिंता जताई. घटना पर कांग्रेस नेता भक्त चरण दास और महिला कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. 

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उन्होंने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और उपवास भी किया. मामले में बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. बालासोर के सांसद प्रताप सारंगी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है और सभी दोषियों को सजा दिलाई जाएगी.

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