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शेयर बाजार पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर, सेंसेक्स-निफ्टी में गजब उछाल, रुपये में भी सुधार

Share Market Reaction on Tariff: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 1.2% ऊपर खुला. आज का ओपनिंग रेट 90.40 रुपये प्रति डॉलर रहा. रुपया कल 91.5125 पर बंद हुआ था.

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रूसी तेल पर लगने वाली पेनल्टी (जुर्माना) भी हट गई है, जिसका फायदा भी भारत को मिलेगा. (फोटो- PTI)

भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी होने का असर शेयर मार्केट में दिखने लगा है. मंगलवार, 3 फरवरी की सुबह भारतीय शेयर मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. निफ्टी 1,200 पॉइंट्स ऊपर खुला और सेंसेक्स 3,600 पॉइंट्स की तेजी के साथ शुरू हुआ.  

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पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच बात के बाद इस पर सहमति बनी थी. सोमवार, 2 फरवरी की रात इसका ऐलान हुआ. 3 फरवरी को सेंसेक्स खुलते ही 85,323.20 पर पहुंच गया. यानी 3,656.74 अंक (या 4.48%) की तेजी देखी गई. निफ्टी 50 भी धमाकेदार ओपनिंग के साथ 26,308.05 पर खुला. यानी 1,219.65 अंक (या 4.86%) ऊपर.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 1.2% ऊपर खुला. आज का ओपनिंग रेट 90.40 रुपये प्रति डॉलर रहा. रुपया कल 91.5125 पर बंद हुआ था. यानी करीब 1.1 रुपये मजबूत होकर आज इसकी शुरुआत हुई है.

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उधर, बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने कहा है कि भारत-अमेरिका की इस डील से भारत के सामानों पर प्रभावी टैरिफ (effective tariffs) 35% से घटकर सिर्फ 12-13% रह जाएगा. साथ ही, रूसी तेल पर लगने वाली पेनल्टी (जुर्माना) भी हट गई है, जिसका फायदा भी भारत को मिलेगा.

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक ये डील जेम्स एंड ज्वैलरी, टेक्सटाइल्स (कपड़ा), कृषि उत्पादों और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सेक्टर्स के लिए फायदेमंद है. इस समझौते से इन सेक्टर्स में तेजी आएगी और भारत की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है.

अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर ने क्या कहा?

भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी तो हो जाएगा, लेकिन तकनीकी मुद्दे अभी भी बने हुए हैं. ये बात कही है भारत में अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर ने.

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अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर ने इंडिया टुडे टीवी से कहा कि ये डील दोनों नेताओं के बीच हुई फोन कॉल के बाद हुई. उन्होंने कहा,

"मैं एक महीने पहले भारत आया हूं. मैं बार-बार कह रहा हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना अच्छा दोस्त मानते हैं. और मैं ये दिल से कहता हूं."

उन्होंने बताया कि इसी वजह से ये डील इतनी जल्दी हो गई. जब गोर से ये सवाल पूछा गया कि इस डील में इतना समय क्यों लगा, तो उन्होंने कहा,

"ये डील काफी जटिल है. भारत दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. ये कोई छोटा देश नहीं है."

उन्होंने इसे समझाने के लिए यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ बातचीत का उदाहरण दिया, जिसमें लगभग 20 साल लग गए.

टैरिफ का नया रेट तुरंत लागू होगी या नहीं, इस सवाल पर गोर ने कहा कि फैसला हो चुका है, बस कागजी काम बाकी है. उन्होंने कहा,

“इसमें दो घंटे लगें, या दो दिन, कुछ तकनीकी बातें तय करनी हैं. लेकिन टैरिफ रेट 18 परसेंट ही होगा.”

मजाकिया अंदाज में एंबेसडर ने इस डील का श्रेय खुद लेने से इनकार किया. गोर ने कहा,

“मैंने कुछ नहीं किया. सारा काम राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने किया है.”

रूस से तेल के मुद्दे पर क्या कहा?

रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए एक्स्ट्रा टैरिफ के मुद्दे पर गोर ने कहा,

“अंतिम आंकड़ा 18 ही है. ये तब ही कम किया जाएगा, जब रूस से तेल खरीद को कम किया जाएगा.”

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ये कदम भारत को निशाना बनाकर उठाए गए हैं.

वीडियो: पीएम मोदी और ट्रंप के बीच फ़ोन कॉल, ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ कम कर दिए?

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