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भारत के पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट फतेह किया, उतरते वक्त मौत कैसे हो गई?

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, संदीप अरे ने 20 मई को एवरेस्ट ‘फतेह’ किया था. जबकि अरुण कुमार तिवारी 21 मई की शाम करीब 5:30 बजे 8,849 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचे थे. लेकिन वापसी के वक्त उनकी मौत हो गई.

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माउंट एवरेस्ट से नीचे उतरते समय 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • दो भारतीय पर्वतारोहियों, अरुण कुमार तिवारी और संदीप अरे, की माउंट एवरेस्ट से उतरते समय थकान और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 'डेथ जोन' में मौत हो गई।
  • अरुण कुमार तिवारी ने 21 मई को और संदीप अरे ने 20 मई को एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई पूरी की थी, लेकिन नीचे उतरते समय थकान के कारण उनकी सेहत बिगड़ी।
  • शेरपा गाइड्स और रेस्क्यू टीम ने जान बचाने के प्रयास किए, लेकिन थकान और जोखिम भरे क्षेत्र के कारण दोनों पर्वतारोहियों को बचाया नहीं जा सका।

माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाले 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई. दोनों पर्वतारोहियों ने शेरपा गाइड्स के निर्देशों पर चलते हुए एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी कर ली थी. लेकिन पहाड़ से उतरते समय दोनों को थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा. बताया जा रहा है कि इसी वजह से ‘डेथ जोन’ इलाके में दोनों की मौत हो गई. जानकारों का मानना है कि एवरेस्ट की चोटी से उतरना सबसे खतरनाक स्टेप होता है.

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माउंट एवरेस्ट के ‘डेथ जोन’ में जान गंवाने वाले दोनों भारतीय पर्वतारोहियों की पहचान अरुण कुमार तिवारी और संदीप अरे के तौर पर हुई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसा 21 मई को हुआ. दोनों ही पर्वतारोही एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच गए थे. लेकिन पहाड़ से उतरते समय उनको थकान के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं.

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, संदीप अरे ने 20 मई को एवरेस्ट ‘फतेह’ किया था. जबकि अरुण कुमार तिवारी 21 मई की शाम करीब 5:30 बजे 8,849 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचे थे.

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Mount Everest
माउंट एवरेस्ट ट्रैक का मैप. (फोटो- इंडिया टुडे)
शेरपा और गाइड ने जान बचाने की कोशिश की

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे की पुष्टि नेपाल के एक्सपीडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी ऋषि भंडारी ने की. ऋषि के मुताबिक, रेस्क्यू टीम और शेरपा गाइड्स ने दोनों पर्वतारोहियों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली.

ऋषि भंडारी ने अपने बयान में कहा,

एक भारतीय पर्वतारोही ने एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई पूरी की थी, लेकिन नीचे उतरते समय वह बहुत ज्यादा थक गया. शेरपा गाइडों ने उसकी जान बचाने के लिए बहुत मेहनत की और उसे रात भर में 'बालकनी' से 'साउथ कोल' तक सुरक्षित पहुंचाया. वे उसे बचाने की लगातार कोशिश करते रहे, लेकिन बदकिस्मती से हम उसे बचा नहीं पाए.

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एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले इस ग्रुप में कुल 274 पर्वतारोही थे. अरुण कुमार तिवारी केवल 24 घंटे में ही एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच गए थे. ऋषि ने बताया कि ‘हिलरी स्टेप’ पर पहुंचकर वह पूरी तरह से थककर पस्त हो गए थे. बदकिस्मती से हमारे गाइड उन्हें वापस नहीं ला पाए.

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