इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम NEET-UG 2026 को कैन्सिल कर दिया गया. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 12 मई को ये फैसला लिया. लाखों स्टूडेंट्स जिन्होंने 3 मई को परीक्षा दी थी, अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी. इस फैसले को लेकर अब NTA के डायरेक्टर जनरल (DG) अभिषेक सिंह ने अपनी बात रखी है.
NEET UG परीक्षा अब ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन? NTA के DG अभिषेक सिंह का जवाब आ गया
NEET Exam Paper Leak: NTA के DG अभिषेक सिंह ने बताया कि पूरा एग्जाम रद्द करना आसान फैसला नहीं था. इससे NTA पर भी दबाव है, स्टूडेंट्स पर भी और उनके परिवारों पर भी. NTA ने बताया है कि दोबारा एग्जाम कराने में अभ्यर्थियों से एक्स्ट्रा फीस नहीं ली जाएगी.


DG अभिषेक सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी चीजें सामने आईं, जिससे एग्जाम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए. उनके मुताबिक अगर कहीं भी, चाहे किसी एक सेंटर में, किसी एक हिस्से में या किसी एक सबजेक्ट में भी गड़बड़ी की गुंजाइश दिखे, तो उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने कहा,
‘हमारे पास शिकायत आई थी और जांच में कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जिससे पूरी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता था. अगर कुछ गलत नहीं मिला होता, तो हम इतना बड़ा फैसला क्यों लेते? हमने पहले ही साफ कहा था कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’
उन्होंने माना कि पूरा एग्जाम रद्द करना आसान फैसला नहीं था. इससे NTA पर भी दबाव है, स्टूडेंट्स पर भी और उनके परिवारों पर भी. लेकिन एजेंसी का कहना है कि अगर थोड़ी सी भी गड़बड़ी को नजर अंदाज किया गया, तो एग्जाम सिस्टम पर भरोसा खत्म हो जाएगा.
पेपर लीक का मामला कैसे खुला?NTA के मुताबिक NEET-UG की परीक्षा 3 मई को देशभर में कराई गई थी. शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था. एग्ज़ाम सेंटर से कोई बड़ी शिकायत नहीं आई. OMR शीट्स सही तरीके से वापस पहुंच गईं. ट्रांसपोर्टेशन में भी कोई दिक्कत नहीं बताई गई. लेकिन फिर 7 मई को NTA को एक ईमेल मिला. इस मेल में दावा किया गया था कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल घूम रहे थे. अभिषेक सिंह ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया था. लेकिन फिर भी जांच शुरू की. जब जांच में शिकायत के हिसाब से एक बात सही निकली, तब उन्हें लगा कि अब बड़ा फैसला लेना पड़ेगा.
जब DG अभिषेक सिंह से पूछा गया कि आखिर कहां गड़बड़ी हुई? तो उन्होंने साफ कहा, ‘हम जांच एजेंसी नहीं हैं. हम परीक्षा कराने वाली संस्था हैं. इसकी जांच CBI करेगी.’ NTA ने ये बताया है कि दोबारा एग्ज़ाम कराया जाएगा और इसके लिए छात्रों से कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं ली जाएगी.
इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि क्या NEET जैसी बड़ी परीक्षा अब ऑफलाइन की बजाय कंप्यूटर बेस्ड यानी ऑनलाइन मोड में होनी चाहिए? केंद्र सरकार ने 2024 में ISRO चीफ K. Radhakrishnan की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति बनाई थी. इस कमेटी ने सुझाव दिया था कि भविष्य में परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड कराई जाएं और कई शिफ्ट में हों, ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके.
ऑनलाइन एग्ज़ाम वाले सवाल पर उन्होंने बताया कि NEET मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम है. इसे स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल मेडिकल कमीशन के लिए आयोजित किया जाता है. परीक्षा किस मोड में होगी, इसका फैसला संबंधित मंत्रालय करेगा. NTA सिर्फ परीक्षा कराता है.
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