केरल से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के एक डिब्बे में आग लगने से हड़कंप मच गया. ये घटना मध्य प्रदेश के रतलाम में हुई. जिस कोच में आग लगी, उसमें 68 लोग सवार थे. रेलवे के अफसरों ने बताया कि डिब्बे में बैठे सभी पैसेंजर्स को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. किसी के घटना में घायल होने की खबर नहीं है. घटना के वजह का पता नहीं चला है. इंडियन रेलवे ने इसके लिए जांच बैठा दी है. साथ ही सभी देश की सभी ट्रेनों के डिब्बों में फायर सेफ्टी सिस्टम के इंतजामों की जांच का फैसला भी किया गया है.
चलती राजधानी एक्सप्रेस में लगी भीषण आग, फायर सेफ्टी सिस्टम फेल? रेलवे कराएगी जांच
मध्य प्रदेश के रतलाम के पास तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई. इस कोच के सभी यात्रियों को 15 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार, 17 मई की सुबह तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई. जिस कोच में आग लगी, उसमें 68 यात्री सवार थे. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सभी यात्रियों को 15 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन नंबर 12431 के B-1 कोच में हुई. यह ट्रेन तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही थी.
क्या बोले अधिकारी?रतलाम मंडल के PRO मुकेश कुमार ने बताया कि यह घटना कोटा रेलवे डिवीजन के विक्रमगढ़ आलोट और लूनीरिच्छा स्टेशनों के बीच हुई. ट्रेन सुबह करीब 3:45 बजे रतलाम जंक्शन से रवाना हुई थी. बताया गया कि सबसे पहले ट्रेन के गार्ड ने डिब्बे से आग की लपटें निकलती देखीं. उसने तुरंत लोको पायलट को इसकी जानकारी दी. इसके बाद ट्रेन रोक दी गई और यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया. इसी बीच रेलवे अधिकारियों ने तुरंत ओवरहेड बिजली सप्लाई बंद कर दी. इसके बाद आग बुझाने का काम शुरू कर दिया.
आग B-1 कोच के पीछे लगे दूसरे लगेज-कम-गार्ड डिब्बे (SLR) तक भी फैल गई. पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा डिवीजन ने बयान में कहा,
प्रभावित कोच के सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई. ओवरहेड बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई और प्रभावित B-1 कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया.
कोटा रेलवे डिवीजन के PRO रविंद्र लाखारा ने कहा कि प्रभावित कोच के यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए दूसरे डिब्बों में जगह दी गई, ताकि वे कोटा तक सफर कर सकें. रेलवे ने कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ने की भी योजना बनाई, ताकि ट्रेन की पूरी क्षमता बहाल की जा सके.
इस घटना के बाद इंडियन रेलवे ने आग लगने की वजह पता करने के लिए हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में ट्रेन कोचों के फायर सेफ्टी सिस्टम और उससे जुड़े इंतजामों की देश भर में जांच कराने का फैसला किया है.
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