The Lallantop

शरद और अजित पवार की NCP एक होने वाली थी, ऐलान की तारीख भी तय थी, लेकिन अब क्या होगा?

शरद पवार और अजित पवार गुटों के बीच मर्जर की बातचीत काफी एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी थी. पार्टी के नेता इसके लिए काम कर रहे थे, और जिला परिषद चुनावों के नतीजों के बाद औपचारिक घोषणा होनी थी. लेकिन अजित पवार की मौत ने सब कुछ बदल दिया.

Advertisement
post-main-image
पार्टी के सीनियर नेताओं ने संकेत दिया कि इस मामले में देरी हो सकती है, लेकिन इसे फाइनल किया जाएगा. (फोटो- इंडिया टुडे)

अजित पवार की प्लेन एक्सीडेंट में मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. अब खबर है कि NCP के दोनों गुट जल्द साथ आने वाले हैं. शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) और अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट का मर्जर होने वाला है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
साथ आने की चर्चा कितनी आगे बढ़ चुकी थी?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों गुटों के बीच मर्जर की बातचीत काफी एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी थी. पार्टी के नेता इसके लिए काम कर रहे थे, और जिला परिषद चुनावों के नतीजों के बाद औपचारिक घोषणा होनी थी.

8 फरवरी को ये ऐलान होने वाला था. लेकिन अजित पवार की मौत ने सब कुछ बदल दिया. अजित पवार दोनों गुटों के बीच इसे लेकर बातचीत भी कर रहे थे. वो शरद पवार गुट से बातचीत फिर से शुरू करने और नेगोशिएशन लीड करने में अहम भूमिका निभा रहे थे.

Advertisement

NCP (SP) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और पार्टी चीफ शशिकांत शिंदे ने इसकी पुष्टि की है. जयंत पाटिल ने कहा,

"हाल के समय में दोनों गुटों के बीच बातचीत चल रही थी. 16 जनवरी को मेरे घर पर मीटिंग हुई, जहां चुनाव साथ लड़ने की बात फाइनल हुई. 17 जनवरी को शरद पवार जी के घर पर मीटिंग हुई."

उन्होंने अजित पवार की मौत को दोनों पार्टियों के लिए बड़ा नुकसान बताया.

Advertisement

शशिकांत शिंदे ने भी कहा कि साथ आने की बातचीत पहले के समझौते के मुताबिक चल रही थी. उन्होंने कहा,

"अब इस पर खुल कर बोलना जरूरी है. अजित पवार ने कहा था कि नगर निगम चुनावों के बाद हम साथ आएंगे. इसके लिए मीटिंग्स भी हुईं. अजित दादा ने शरद पवार की तरफ देखते हुए ये कहा था. हम अब उसी दिशा में काम करेंगे."

शिंदे ने ये भी संकेत दिया कि इस मामले में देरी हो सकती है, लेकिन इसे फाइनल किया जाएगा.

नेताओं के बीच हुई मीटिंग

रिपोर्ट के मुताबिक अजित पवार की मौत के बाद NCP के सीनियर नेता बारामती पहुंचे. वहां उन्होंने अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. जिसके बाद नेताओं के बीच एक मीटिंग हुई. जहां इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे इन बदलते राजनीतिक हालातों के बीच बातचीत जारी रखी जाएगी. सूत्रों का कहना है कि दोनों पार्टियों का मर्जर अब भी 'ट्रैक पर' है.

क्या होगा अगर दोनों साथ आए?

शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) और अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट का अगर मर्जर होता है, तो शरद पवार की पार्टी सरकार में शामिल हो सकती है. फिलहाल अजित पवार गुट महायुति में है. जबकि SP विपक्ष में. मर्जर से कैबिनेट में फेरबदल हो सकते हैं. और नए चेहरों को जगह मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक, इन बातों पर अनऑफिशियल चर्चा भी हो चुकी थी.

हाल में क्या हुआ?

दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव साथ लड़े थे. जिसके बाद से साथ आने की खबरों को हवा मिली थी. नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी पोजिशन भी सॉफ्ट की थी, और आंतरिक मतभेद सुलझाने के संकेत दिए थे.

रिपोर्ट के मुताबिक जिला परिषद चुनाव साथ लड़ने की प्लानिंग थी, जो कॉन्फिडेंस बिल्डिंग का हिस्सा था. चुनाव नतीजों के बाद मर्जर का ऐलान होना था. यहां तक अजित पवार ने अपनी रैलियों में मर्जर पर सवाल उठाने वालों को टारगेट भी करने लगे थे. एक रैली में उन्होंने कहा,

"अगर हम साथ आते हैं तो कुछ लोगों को इससे तकलीफ क्यों हो रही है?"

बता दें कि NCP की स्थापना 1999 में शरद पवार ने की थी. लेकिन 2023 में पार्टी में बड़ी फूट पड़ी. अजित पवार (शरद पवार के भतीजे) ने बगावत कर दी और अपना अलग गुट बना लिया. अजित पवार का गुट महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना-एकनाथ शिंदे गुट) के साथ चला गया. जबकि शरद पवार का गुट NCP (SP) महा विकास अघाड़ी यानी शिवसेना-UBT और कांग्रेस के साथ. इस फूट के बाद दोनों गुटों के बीच सालों तनाव रहा, लेकिन हाल के महीनों में सुलह की कोशिशें तेज हो गई थीं.

वीडियो: राजधानी: अजित पवार के बाद NCP का भविष्य क्या होगा?

Advertisement