The Lallantop

'कॉकरोच पार्टी' को मिली चुनौती, नाम है नेशनल पैरासिटिक फ्रंट, मैनिफेस्टो से प्रेमियों में खुशी की लहर

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को अपना विपक्ष मिल गया है. भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणी के विरोध में बेरोजगाओं ने एक आभासी पार्टी बनाई थी.

Advertisement
post-main-image
कॉकरोच पार्टी को विपक्ष मिला नेशनल पैरासिटिक फ्रंट. (फोटो- India today)

गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड नहीं बन रहे? रिलेशनशिप की सिचुएशन क्या है, नहीं पता? प्यार में धोखा मिला है, इसका इमोशनल मुआवजा चाहिए? ट्रेन की लेटलतीफी से भी परेशान हैं? चलिए खुश हो जाइए. आपके ऐसे ‘जरूरी’ मुद्दों के लिए एक पार्टी बन गई है. 18 साल से ऊपर के नौजवानों की ‘मैचमेकिंग’ के लिए योजना लाने और इश्क में धोखे पर मुआवजा देने वाली इस पार्टी का नाम है- नेशनल पैरासिटिक फ्रंट (NPF). यह फ्रंट हाल ही में बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मुख्य विपक्ष बताई जा रही है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

CJP क्या है?

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी का गठन अभिजीत डिपके नाम के सोशल मीडिया यूजर ने 16 मई को इंटरनेट पर किया था. इसके बाद से ये सोशल मीडिया पर तेजी से मशहूर हो गई. कुछ ही दिनों में पार्टी के इंटरनेट पर 10 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हो गए. अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा जैसे कई राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं ने भी इस पार्टी को सपोर्ट किया. अब इस पार्टी को अपना विपक्ष भी मिल गया है. एक और ‘मजाकिया’ पार्टी सामने आई है, जिसे नेशनल पैरासिटिक फ्रंट यानी एनपीएफ नाम दिया गया है.  

Advertisement

बता दें कि CJP और एनपीएफ दोनों पार्टियों के नाम सीजेआई सूर्यकांत के उस बयान से निकले हैं, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं को ‘पैरासिटिक’ और ‘कॉकरोच’ बताया था. इस बयान की आलोचना हुई. जवाब में पहले एक ‘नेशनल कॉकरोच पार्टी’ बनी, जिसने कहा कि वह बेरोजगारों और सुस्त लोगों की पार्टी है. उसने भी अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें कहा गया था कि मुख्य न्यायाधीशों के लिए रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा में कोई सीट नहीं मिलेगी. इसके अलावा महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, फेक न्यूज फैलाने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई और दलबदल करने वाले सांसदों और विधायकों पर लंबे समय तक चुनावी प्रतिबंध जैसी बातें थीं. 

अब इस पार्टी को चुनौती देते हुए पैरासिटिक फ्रंट भी सामने आ गया है.

क्या है पैरासिटिक फ्रंट?

पैरासिटिक फ्रंट मीम आधारित पार्टी है, जिसका नारा है, ‘चिपकेंगे नहीं बदलेंगे यही’. एनपीएफ ने बताया है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को चुनौती देने के लिए ये पार्टी बनी है. यह तंज करने वाली एक राजनीतिक पार्टी है, जो मीम्स, पैरोडी घोषणा पत्रों और सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए काम करेगी. यह संगठन शासन व्यवस्था, युवा बेरोजगारी और राजनीतिक संस्कृति के प्रति जनता की नाराजगी को उजागर करने के लिए व्यंग्य का इस्तेमाल करते हुए काम करेगी.

Advertisement

पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी. जमीन पर नहीं दिखेगी. प्रोटेस्ट नहीं करेगी. तो करेगी क्या? ये बताया गया है उसके घोषणा पत्र में. पार्टी ने इसमें ऐसे-ऐसे वादे किए हैं कि युवाओं खासतौर पर जेन जी की तो बांछें खिल जाएंगी. 

घोषणापत्र देख लीजिए

घोषणा पत्र का पहला पॉइंट है कि 18 साल से ऊपर के हर नागरिक के लिए सरकार की मदद से मैचमेकिंग योजना लाई जाएगी. लड़कों को गर्लफ्रेंड मिलेगी और लड़कियों को बॉयफ्रेंड.

पार्टी ने ‘सिचुएशनशिप’ की समस्याओं को 90 दिनों के भीतर सुलझाने का भी वादा किया है. या तो रिश्ते की स्थिति स्पष्ट होगी या सरकार माफी मांगेगी. अगर किसी को बार-बार घोस्ट किया गया तो उसे सीधे UPI खाते में 4 हजार 999 का ‘इमोशनल मुआवजा’ मिलेगा.

एक अलग ‘रिज मंत्रालय’ बनाया जाएगा और मंत्री बनने के लिए बंबल (Bumble) पर कम-से-कम 4.2 रेटिंग जरूरी होगी.

पार्टी का कहना है कि चीजों की कीमतें इतनी कम की जाएंगी कि लॉन्ग ड्राइव फिर से सस्ती हो जाए. इसके अलावा, संसद की कैंटीन में समोसा-चटनी को लेकर अब कोई मारपीट नहीं होगी. खाने से जुड़े विवादों को एक निष्पक्ष बिरयानी समिति सुलझाएगी.

पार्टी ने ये भी कहा है कि संसद सत्र के दौरान जो सांसद सोते हुए पकड़ा जाएगा, उसका माइक फुल वॉल्यूम पर ऑन कर दिया जाएगा. 

पार्टी का वादा है कि बलात्कार, हत्या या अन्य खूनी अपराधों में चार्जशीट वाले लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. मौजूदा सांसदों के पेंडिंग केसेज को एक साल के भीतर तेजी से निपटाया जाएगा. दोषी ठहराए गए लोगों पर जीवनभर चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की बात भी कही गई है.

पार्टी ने वादा किया है कि चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 12वीं पास होना जरूरी होगा.

तीन महीने से ज्यादा पुराने गड्ढों का नाम संबंधित नगर पार्षद के नाम पर Google Maps पर हमेशा के लिए रखा जाएगा.

ट्रेन की लेटलतीफी को भी पार्टी ने अड्रेस किया है. वादा किया गया है कि अगर ट्रेन 2 घंटे से ज्यादा लेट होती है तो यात्रियों को चाय और बिस्कुट देकर मुआवजा दिया जाएगा.

पार्टी ने ये भी वादा किया है कि डिप्रेस छात्रों के लिए कॉलेजों में मुफ्त काउंसलिंग की सुविधा होगी. वह भी असली थेरेपिस्ट के साथ. सिर्फ ‘जाकर अपने क्लास टीचर से बात कर लो’ वाली सलाह नहीं दी जाएगी.

वीडियो: प्रधानमंत्री मोदी का विवादित कार्टून किसने बना दिया?

Advertisement