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एक WhatsApp मैसेज और पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे के खाते से ₹8 करोड़ उड़ा दिए

Naresh Gujral Cyber Fraud: 78 वर्षीय पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए. ठगों ने एक मैसेज के जरिए उनके अकाउंट से 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए. जब कंपनी के एक अधिकारी को शक हुआ, तो उन्होंने सांसद की बेटी को मामले की सूचना दी.

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पूर्व प्रधानमंत्री आई. के. गुजराल के बेटे नरेश गुजराल के साथ साइबर धोखाधड़ी हो गई. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • पूर्व सांसद नरेश गुजराल के खाते से धोखाधड़ी कर ठगों ने लगभग 7.8 करोड़ रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर कराए, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की है।
  • यह धोखाधड़ी WhatsApp मैसेज के जरिए हुई, जिसमें स्कैमर ने नरेश गुजराल के नाम पर फर्ज़ी आदेश जारी कर कंपनी के अधिकारियों को पैसे ट्रांसफर करने को कहा था।
  • पुलिस ने ट्रांसफर किए गए कम से कम 4 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं और जांच में लगे हैं ताकि जुड़े आरोपितों का पता लगाया जा सके।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के बेटे साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए. ठगों ने उन्हें करोड़ों रुपये का चुना लगाया है. एक WhatsApp मैसेज के जरिए पूर्व सांसद नरेश गुजराल के अकाउंट से लगभग 8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर धोखाधड़ी में शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी है.

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78 वर्षीय पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल की टेक्सटाइल कंपनी के एक अधिकारी को पिछले हफ्ते WhatsApp मैसेज मिला था. इंडिया टुडे से जुड़े अंशुल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, अकाउंट पर नरेश गुजराल की तस्वीर थी. और मैसेज में रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के जरिए एक खास बैंक अकाउंट में 1.5 करोड़ पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था. RTGS एक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल बड़ी रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है.

चार दिन में तीन ट्रांजैक्शन

अगले चार दिनों में ठगों ने तीन और ट्रांजैक्शन करने के लिए कहा. कंपनी के अधिकारी ने हर बार वैसा ही किया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आखिर में स्कैमर के अकाउंट में कुल 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए थे. इतनी रकम निकलने पर बैंक ने भी छानबीन करने की सोची. और कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) से जाना कि क्या ये ट्रांसफर सही है. जिस पर अधिकारी ने कहा कि ये निर्देश बॉस की तरफ से ही आए हैं.

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मगर एक टाइम पर CFO के भी दिमाग की घंटी बजी. उन्हें लगा कि कुछ तो गड़बड़ है. अधिकारी ने पूर्व सांसद की बेटी दीक्षा से संपर्क किया और उन्हें ट्रांसफर की जानकारी दी. दीक्षा को जब पता चला कि उनके पिता को अचानक इतने पैसे की जरूरत पड़ गई है, तो उन्होंने उनसे ट्रांजैक्शन के बारे में पूछा. नरेश गुजराल ने उन्हें बताया कि उन्होंने कभी उस अधिकारी से संपर्क नहीं किया था और न ही ये ट्रांसफर करने के लिए कहा था.

4 करोड़ रुपये किए गए फ्रीज

परिवार ने घोटाले के शक में 16 जून को एक ई-FIR दर्ज कराई. दिल्ली पुलिस की खास 'इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन्स' (IFSO) यूनिट ने यह केस अपने हाथ में लिया. उस अकाउंट का पता लगाया जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे.

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रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रांसफर किए गए ज्यादातर पैसे अभी भी उसी अकाउंट में मौजूद थे. यह असामान्य था क्योंकि आमतौर पर इस समय तक, पैसे या तो निकाल लिए जाते हैं या क्रिप्टो में बदल दिए जाते हैं. लेकिन यह पैसा अभी भी बैंकिंग सिस्टम में ही था. ऐेसे में पुलिस ट्रांसफर किए गए कम से कम 4 करोड़ रुपये फ्रीज करने में कामयाब रही. 

SAD के वरिष्ठ नेता हैं नरेश गुजराल 

नरेश गुजराल ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की ट्रेनिंग ली है. वो टेक्सटाइल और कपड़ों के मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं.  2007 से 2022 तक नरेश पंजाब से राज्यसभा सांसद रहे. वो शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता हैं. उनके पिता आईके गुजराल (1919-2012) अप्रैल 1997 से मार्च 1998 तक 11 महीनों के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे थे.

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