नागपुर पुलिस के एक इंस्पेक्टर पर आरोप लगा है कि उसने एक नाबालिग लड़की की तलाश करने से पहले कथित तौर पर परिजनों से पैसे मांगे. ताकि अपनी गाड़ी में डीजल भरकर तलाश शुरू कर सके. घटना की जानकारी एक वीडियो पोस्ट के जरिये सामने आई, जिसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने भी शेयर किया है. मामला बढ़ता देख सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर को स्थानीय थाने से हटा दिया गया.
परिवार लापता बेटी की रिपोर्ट लिखवाने गया, इंस्पेक्टर बोला- 'डीजल नहीं है, पैसा दो तो गाड़ी निकालें'
Nagpur cop No diesel comment: नागपुर पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने एक लापता नाबालिग लड़की की तलाश करने से पहले कथित तौर पर परिजनों से पैसे मांगे. ताकि गाड़ी में डीजल भरकर तलाश शुरू कर सके. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने घटना का वीडियो शेयर किया है.


ये मामला पंचपावली पुलिस स्टेशन का बताया गया है. लापता लड़की के परिवार के मुताबिक, उनकी बेटी सोमवार, 18 मई की सुबह से लापता थी. उसी दिन उन्होंने पंचपावली पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जब परिवार पुलिस स्टेशन पहुंचा, तो वहां मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराव राउत ने परिवार से कथित तौर पर कहा,
“हमारी गाड़ी में डीजल नहीं है. हम आपकी बेटी को कैसे ढूंढेंगे? हमें डीजल के लिए पैसे दो.”
सामने आए वीडियो में एक शख्स सवाल कर रहा है कि अगर किसी नेता, पुलिस अधिकारी की बेटी लापता होती, क्या तब भी ये ही कहा जाता कि गवर्नमेंट गाड़ी में डीजल नहीं डालती?
कांग्रेस नेता ने कहा, 'सिस्टम की नाकामी'इस घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा है. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने वीडियो शेयर कर घटना को 'सिस्टम की नाकामी' बताया. उन्होंने कहा कि अगर नागपुर पुलिस की गाड़ियों में डीजल नहीं है, तो यह राज्य की अन्य जरूरी सेवाओं यानी एम्बुलेंस से लेकर बाकी सभी चीजों तक की हालत की एक डरावनी तस्वीर है.
कांग्रेस नेता ने आगे पीएम मोदी के फ्यूल बचाने वाली टिप्पणी पर भी तंज कसते हुए लिखा,
“क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्टेरिटी (पैसा खर्च करने में संयम) की अपील पुलिस पर भी लागू होती है? जब कोई लड़की लापता हो, तो क्या डीजल बचाना ज्यादा जरूरी लगता है? अगर गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के अपने ही जिले में हालात ऐसे हैं, तो राज्य के बाकी हिस्सों के बारे में पूछने की तो जरूरत ही नहीं है. सत्ता में बैठे उन लोगों के राज में, जो देश के लिए 'अमृत काल' के सपने दिखाते हैं, आज एक पुलिस थाने की गाड़ी डीजल न होने की वजह से ठप पड़ी है. ये 'अमृत काल' नहीं है, ये तो 'सिस्टम की नाकामी' का दौर है!.”
आलोचना को बढ़ता देख नागपुर पुलिस कमिश्नरेट ने तेजी से कदम उठाया और इंस्पेक्टर बाबूराव राउत का तबादला पुलिस कंट्रोल रूम में कर दिया. संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन रेड्डी ने पुष्टि की कि घटना की जांच करने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री और नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया.
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