The Lallantop

मस्जिद के सामने महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने पर था तनाव, मुस्लिम डेलिगेशन ने अब वापस ली आपत्ति

नगर परिषद के एग्ज़ीक्यूटिव ऑफिसर अजमेर ठाकुर ने बताया कि मुस्लिम सुधार सभा ने प्रतिमा के स्थापना का समर्थन किया है. सभा के प्रमुख निजामुद्दीन और कमिटी के सदस्य बुधवार को उनके दफ्तर आए थे और एक पत्र दिया. इसमें कहा गया कि कई लोग प्रतिमा स्थापित करने के समर्थन में हैं.

Advertisement
post-main-image
AI Image

हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में मस्जिद के बाहर पार्क में महाराणा प्रताप की प्रतिमा को लेकर बीते दिनों मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी. लेकिन 20 फरवरी के रोज़ ये खब़र आई कि उन्होंने अपनी आपत्ति वापस ले ली है. मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने प्रतिमा के स्थापन समारोह में अपनी भागीदारी देने की बात कही है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नगर परिषद के एग्ज़ीक्यूटिव ऑफिसर अजमेर ठाकुर ने बताया कि मुस्लिम सुधार सभा ने प्रतिमा की स्थापना का समर्थन किया है. सभा के प्रमुख निजामुद्दीन और कमिटी के सदस्य बुधवार को उनके दफ्तर आए थे और एक पत्र दिया. इसमें कहा गया कि कई लोग प्रतिमा स्थापित करने के समर्थन में हैं. 

बकौल ठाकुर, कमिटी का कहना है कि वे प्रतिमा स्थापित करने का स्वागत करते हैं. वे चाहते हैं कि इलाके में दोनों समुदाय शांति और सद्भाव से रहें. कमिटी के सदस्यों ने आपत्ति जताने वाले एप्लिकेशन वापस लेने की भी बात कही है.

Advertisement

हमीरपुर प्रशासन ने वार्ड नंबर 4 में मस्जिद के बाहर बनाए जा रहे पार्क में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया था. लेकिन 16 फरवरी की रात, मुस्लिम समुदाय के एक डेलिगेशन ने प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था. ज्ञापन सौंपते हुए का वीडियो भी वायरल हुआ था. इसके अगले ही दिन विश्व हिंदू परिषद ने कहा था प्रशासन ने इसे लेकर फैसला किया है और प्रतिमा स्थापित होनी ही चाहिए.

VHP की राज्य शाखा के उप सचिव पंजक भारतीय ने कहा था कि मस्जिद के सामने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विरोध करने का कोई मतलब नहीं है. राज्य के बाहर के मुस्लिम नेताओं का एक समूह ‘हिंदू विरोधी भावनाएं’ पैदा कर रहा है. उन्होंने हिंदू समुदाय से प्रतिमा स्थापित करने के लिए एकजुट होने की अपील की थी. साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोगों से शांति और भाईचारे के तहत में स्थापना समारोह में शामिल होने का भी आग्रह किया था. इस मामले को लेकर इलाके में तनाव होने का अंदेशा लगाया जा रहा था. डिप्टी कमिश्नर ने सब-डिविजनल मैजिस्ट्रेट (SDM) को इस मामले की जांच करने को कहा था.

वीडियो: खुद को गृह मंत्री Amit Shah का बेटा बताकर ठगी करने की फिराक में था, पुलिस ने धरा

Advertisement

Advertisement