मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीच सड़क पर आरिफ नाम के एक लड़के के चेहरे पर गोबर और कालिख पोतने और पीटने का वीडियो वायरल हुआ था. मारपीट करने वालों ने आरिफ पर लव जिहाद करने का आरोप लगाया था. आरिफ अपनी हिंदू फ्रेंड के साथ एक होटल में था. इस पूरी घटना का आरोप राइट विंग से जुड़े लोगों पर लगा था. लेकिन अब पुलिस का कहना है कि मारपीट करने वाले आरोपी बजरंग दल या किसी राइट विंग संगठन से जुड़े नहीं थे. पुलिस ने क्या कहा? जिन 7 लोगों पर FIR दर्ज हुई थी वे कौन हैं? और पूरा मामला क्या है? सब एक-एक कर जानते हैं.
लव जिहाद के नाम पर युवक पर कालिख पोतने वालों की हुई पहचान, बजरंग दल से कोई लिंक नहीं
Bhopal में आरिफ अपनी एक हिंदू दोस्त के साथ एक होटल में था. खुद को Bajrang Dal का कार्यकर्ता बताने वाले आरोपी वहां पहुंचे और लड़की से उसकी बर्थ डिटेल्स मांगी. फिर आरिफ पर थप्पड़ बरसाना शुरू कर दिया. बाल खींचे गए, उसके कपड़े उतारे और पीटते हुए होटल के बाहर ले गए.


यह घटना 10 मई को भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में हुई थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदपुरा थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) अवधेश सिंह तोमर ने कहा कि हाल ही में होटल में 'लव जिहाद' का आरोप लगाकर 29 साल के मुस्लिम युवक से पिटाई के मामले में गिरफ्तार 7 लोगों का बजरंग दल या किसी अन्य दक्षिणपंथी संगठन से अब तक कोई संबंध नहीं मिला है.
SHO अवधेश सिंह तोमर ने आगे कहा कि गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से एक नाबालिग है. SHO ने कहा,
"राइट विंग संगठनों के प्रतिनिधियों ने हमें बताया है कि उनका संगठन बहुत अनुशासित है और ये (7 गिरफ्तार) लोग उनके सदस्य नहीं हैं."
पुलिस ने ये भी बताया कि जिस मुस्लिम लड़के के साथ मारपीट हुई थी वो खुद फोन चोरी के मामले में आरोपी है. उसे भी अब गिरफ्तार कर लिया गया है, क्योंकि उस पर पिछले कुछ सालों से पुराने आरोप लंबित थे. SHO अवधेश सिंह तोमर ने कहा,
"आरिफ हाल ही में जेल से रिहा हुआ था. हमें पता चला कि वो मोबाइल चोरी के दो मामलों में शामिल था. ये बात सामने आने के बाद हमने उसे गिरफ्तार कर लिया."
अब आपको मारपीट वाले उस वायरल वीडियो की कहानी भी बता देते हैं. 10 मई को भोपाल में आरिफ अपनी एक हिंदू दोस्त के साथ एक होटल में था. इसी बीच किसी ने कपल की प्राइवेट डिटेल आरोपियों को दे दी. इसके बाद आरोपी होटल पहुंचे. फिर आरिफ को बिस्तर पर बैठाया और धमकाकर लड़की से उसकी बर्थ डिटेल्स मांगी. फिर आरिफ पर थप्पड़ बरसाना शुरू कर दिया. बाल खींचे गए, उसके कपड़े उतारे और पीटते हुए होटल के बाहर ले गए.
बात यहीं खत्म नहीं हुई. खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताने वाले लोगों ने आरिफ के मुंह पर गोबर और कालिख पोती. रास्ते में दूसरे लोगों से भी मुस्लिम लड़के को मारने को कहा. नारेबाजी करते हुए बकायदा रैली निकाली गई.
रास्ते में कुछ पुलिसकर्मी मिले, जिन्होंने इसे रोकने की कोशिश की. लेकिन कार्यकर्ता पुलिस से भी भिड़ गए. लड़की ने पुलिस को बताया था कि वो आरिफ को पिछले 5 सालों से जानती है, और दोनों रिलेशनशिप में हैं. उसके पीजी में लड़कों का आना मना है, इसलिए वो आरिफ से मिलने होटल गई थी.
जब इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ था तो खुद को बजरंग दल कार्यकर्ता बताने वाले लोगों की काफी आलोचना हुई थी. उनके बर्ताव पर सवाल उठे. पुलिस को निशाने पर लिया गया था. इसके बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें बृजेंद्र प्रजापति, प्रतीक चौकसे, ललाराम मीणा, रमेश, अजय, अमन और एक नाबालिग शामिल है.
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इन लोगों के खिलाफ स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद उवैस रहमानी ने शिकायत दर्ज कराई थी. मुस्लिम युवक ने कथित तौर पर रहमानी को जो बातें बताई थीं, उन्हें शुरू में शिकायत के तौर पर उसी युवक के नाम से ही दर्ज कर लिया गया था. हालांकि, बाद में DCP (भोपाल) विकास कुमार सहवाल ने इस गलती को 'सुधार' दिया.
इंडियन एक्सप्रेस ने मोहम्मद उवैस रहमानी से बात की. उन्होंने कहा कि मैं उस युवक को नहीं जानता. मेरी शिकायत इस बात पर आधारित थी कि इससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं. रहमानी ने पुलिस में जो शिकायत की थी, उसमें आरिफ के हवाले से बताया कि कुछ लोगों ने खुद को बजरंग दल से जुड़ा बताया और मुझे इसलिए रोका, क्योंकि मैं मुसलमान हूं.
शिकायत में आरिफ के हवाले से कहा गया कि आरोपियों ने उसके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया. जबरदस्ती मेरे कपड़े उतारे, मेरे चेहरे पर काला पेंट पोता, गोबर लगाया और मुझे सबके सामने जलील किया.
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