The Lallantop

इंदौर का पानी खराब! 7 लोगों की मौत, 150 बीमार, उल्टी-दस्त के मरीजों से भरे अस्पताल

Indore contaminated water issue: बताया जा रहा है कि समस्या बीते एक हफ्ते से शुरू हुई है. तब से अब तक लगभग 150 लोग गंदा पानी पीने की वजह से बीमार पड़ चुके हैं. वहीं 7 लोगों की मौत भी हो गई है. लोगों का कहना है कि वह काफी समय से गंदे पानी कि शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया.

Advertisement
post-main-image
गंदा पानी पीने से अब तक 7 लोगों के मौत की खबर है. (Photo: ITG)
author-image
धर्मेंद्र कुमार शर्मा

मध्य प्रदेश का इंदौर, जो कि स्वच्छता के मामले में देश में पहले पायदान पर है, वहां गंदा पानी पीने से 7 लोगों की मौत हो गई. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि की है. उनका कहना है कि 3 लोगों की मौत होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, लेकिन उन्हें 4 अन्य लोगों के भी मृत्यु की जानकारी मिली है. वहीं तकरीबन 150 लोगों की तबीयत खराब बताई जा रही है. लोगों के इलाज के लिए अरबिंदो हॉस्पिटल में 100 एक्स्ट्रा बेड भी लगाए जा रहे हैं.  इधर मध्य प्रदेश सरकार ने मामले पर एक्शन लेते हुए कई अधिकारियों को सस्पेंड किया है और एक जांच कमेेटी बनाई गई है.   

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इससे दो दिन पहले गंदा पानी पीने से बीमार पड़े 35 मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जिससे हड़कंप मचा था. अब 7 लोगों की मौत की खबर से मामले ने और तूल पकड़ लिया है. लोगों का आरोप है कि वह पिछले कई समय से दूषित पानी की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक घटना इंदौर के विधानसभा क्षेत्र एक के भागीरथपुरा इलाके की है. इस विधानसभा से कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विधायक हैं. इलाके में दूषित पानी पीने से लोगों पर आफत आ गई है. कई लोगों को उल्टी-दस्त समेत अन्य शिकायतें आना शुरू हुई हैं. इससे पहले दूषित पानी पीने से 3 लोगों की मौत की खबर थी. दो महिलाओं की 26 और 27 दिसंबर को मौत हुई थी. वहीं मंगलवार, 30 दिसंबर की सुबह एक और बुजुर्ग की मौत हो गई.

एक हफ्ते से शुरू हुई समस्या

मृतकों में शामिल सीमा और उर्मिला नाम की दो महिलाओं के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गंदा पानी पीने की वजह से उन्हें डिहाइड्रेशन हो गया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. इधर, कई लोग गंदा पानी पीने के कारण बीमार पड़ने के बाद अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं. बताया गया है कि 24 दिसंबर से शुरू हुई इस समस्या से अब तक करीब 150 लोग बीमार पड़ चुके हैं. सोमवार, 29 दिसंबर को एक साथ 35 मरीज अस्पतालों में पहुंचे थे. इधर, मामला बढ़ने के बाद सरकार भी हरकत में आई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए लोगों के इलाज में किसी प्रकार की कमी न आने देने का निर्देश दिया है. वहीं क्षेत्र के विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की और उनका हाल जाना. उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. और जिन्होंने पैसे पहले जमा करा दिए हैं, उनके पैसे वापस किए जाएंगे. 

Advertisement

इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात सामने आई है. दैनिक भास्कर के मुताबिक मप्र सरकार ने जोनल अधिकारी शालिग्राम शितोले और प्रभारी सहायक अभियंता (PHE) योगेश जोशी को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा प्रभारी डिप्टी इंजीनियर (PHE) शुभम श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है. सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई है. इसके अध्यक्ष आईएएस नवजीवन पंवार बनाए गए हैं. समिति में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर प्रदीप निगम और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय भी शामिल हैं.

क्यों हो रही है बीमारी?

फिलहाल पानी के दूषित होने और लोगों के बीमार पड़ने की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आ पाई है. आशंका जताई जा रही है कि नर्मदा नदी के सप्लाई वाले पानी में नालियों का गंदा पानी मिल गया है, इसी वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं. बताया गया है कि आसपास के क्षेत्रों मे खुदाई का काम चल रहा है, जिस वजह से किसी नाली की पाइप लाइन फूट गई होगी और उसका गंदा पानी सप्लाई लाइन में घुस गया होगा. दूसरी तरफ पानी की टंकी के भी दूषित होने की आशंका जताई जा रही है. जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा कार्यकर्ताएं लगातार पानी का सैम्पल ले रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है. उधर लोग सतर्कता बरत रहे हैं और उबालकर पानी पीना शुरू कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें- कमर पर लोडेड पिस्टल बांधकर सोफे पर बैठा, उठते ही अपनेआप गोली चली, मौत हो गई

Advertisement
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

पूरे मामले में मृतक महिलाएं सीमाबाई प्रजापत और उर्मिला यादव के परिजनों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से उनके क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या बनी हुई थी. कई बार उनके द्वारा पार्षद को भी इस बारे में बताया गया था, लेकिन समस्या का कोई भी स्थाई हाल नहीं निकाला. पिछले कुछ दिनों से लगातार इतना दूषित पानी नलों में आ रहा था, जिसे पीना भी उनके लिए दूभर हो गया था. परिजनों ने बताया कि उनके घर की महिलाओं को पानी पीने के कारण उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल लेकर जाया गया था. वहां एक महिला की उपचार के दौरान जबकि दूसरी की अस्पताल ले जाने के दौरान ही मौत हो गई. वहीं एक अस्पताल में जिस नंदलाल पाल नामक 70 वर्षीय बुजुर्ग से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सोमवार रात मिलकर आए थे, उनकी भी मंगलवार की सुबह मौत हो गई. डॉक्टरों ने कई बार सीपीआई के माध्यम से उसकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. स्वास्थ्य विभाग इन मामलों को दूषित पानी के कारण होने की संभावनाओं से मना कर रहा है. विभाग का कहना है कि अभी तक कोई भी मौत उल्टी-दस्त के कारण नहीं हुई है.

वीडियो: इंदौर की 24 ट्रांसजेंडर फिनाइल पीने पर मजबूर, गुरु को पुलिस एनकाउंटर में मरवाने की धमकी

Advertisement