The Lallantop

यूपी: एग्जाम पेपर में कट्टरपंथी संगठनों संग लिखा RSS का नाम, महिला प्रोफेसर पर हो गई बड़ी कार्रवाई

Meerut: CCSU में M.A. राजनीति विज्ञान के प्रश्नपत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कथित आपत्तिजनक सवाल पूछे गए. जिस पर बवाल हो गया. क्या है ये पूरा मामला?

Advertisement
post-main-image
ABVP कार्यकर्ताओं ने CCSU में कुलसचिव का घेराव किया (फोटो: 'X')

यूपी के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में परीक्षा के दौरान बवाल मच गया. यहां M.A. राजनीति विज्ञान के प्रश्नपत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कथित आपत्तिजनक सवाल पूछे गए. जिसके बाद RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों और छात्र संगठनों की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई. वहीं, इस प्रश्नपत्र को तैयार करने वाली प्रोफेसर को आजीवन परीक्षा और मूल्यांकन कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
क्या प्रश्न पूछे गए थे?

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 अप्रैल को M.A. सेकेंड ईयर के राजनीति विज्ञान के प्रश्नपत्र में RSS से जुड़े दो सवाल पूछे गए. पेपर में 87वें नंबर पर एक सवाल पूछा गया. प्रश्न था- “निम्न में से किसे परमाणु समूह नहीं माना जाएगा.” यह एक बहुविकल्पीय प्रश्न था. जिसके उत्तर के तौर पर चार विकल्प दिए गए थे. इनमें नक्सली समूह, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और दल खालसा के साथ RSS का नाम भी शामिल था. 

वहीं, इसी प्रश्नपत्र में दूसरा विवादित सवाल 93वें नंबर पर था. जिसमें सही मिलान करने थे. इस प्रश्न में एक तरफ ‘पिछड़ों की राजनीति का उदय’, ‘दलितों की राजनीति का उदय’, ‘धार्मिक एवं जातीय पहचान राजनीति का उदय’ और ‘क्षेत्रीय पहचान की राजनीति का उदय’ लिखा था. वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना, RSS, बहुजन समाज पार्टी और मंडल आयोग लिखा था. इन दोनों सूचियों को आपस में सुमेल यानी मिलान करना था. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: BJP मुख्यालय से भी बड़ा है RSS का नया ऑफिस, 150 करोड़ रुपये की लागत, इतने पैसे आए कहां से?

ABVP ने की कार्रवाई की मांग

रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र संगठन ABVP ने आरोप लगाया है कि सही उत्तर में RSS के लिए ‘धार्मिक और जातीय पहचान की राजनीति’ के विकल्प को उपलब्ध कराया गया. वहीं, 87 नंबर प्रश्न में RSS का नाम आतंकी संगठनों के साथ जोड़ने का आरोप लगाया. जिसके बाद शुक्रवार, 3 अप्रैल को ABVP कार्यकर्ताओं ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुलसचिव का घेराव करते हुए ज्ञापन दिया.

इंडिया टुडे से जुड़े उस्मान चौधरी से बात करते हुए ABVP मेरठ विभाग के विभाग संयोजक आर्यन प्रजापति ने बताया,

Advertisement

"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है. जो सामाजिक और राष्ट्रहित में काम करता है. एक शिक्षिका होने के बावजूद भी वो एक राष्ट्रवादी संगठन को आंतकवादी संगठन का दर्जा दे रही हैं. उनके खिलाफ आज ABVP ने मेरठ महानगर के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई करने की मांग की है."

वहीं, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार धीरेन्द्र वर्मा ने बताया,

“सीमा पंवार मेरठ कॉलेज की प्रोफेसर है. सफाई देते हुए उन्होंने बताया है कि कोर्स के हिसाब से पेपर सेट किया गया था. इस विवाद के बाद उन्होंने लिखित में माफीनामा भी दिया है. जिसमें प्रोफेसर सीमा पंवार ने लिखा है कि किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो उसके लिए वो माफी मांगती हैं.”

इस मामले में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने प्रश्न पत्र तैयार करने वाली HOD प्रो. सीमा पंवार से जवाब मांगा है. बता दें कि प्रो. सीमा पंवार राष्ट्रीय कवि हरिओम पंवार के भाई की पत्नी हैं. उन्होंने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी को दुख पहुंचाना नहीं था. हालांकि, कुलपति ने उन्हें हमेशा के लिए परीक्षा और मूल्यांकन कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया है.

वीडियो: BJP दफ्तर से कई गुना बड़े नए ऑफिस में शिफ्ट हुआ RSS

Advertisement