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स्कूल के बच्चों को बचाने के लिए सांप से भिड़ गई कुतिया, गांव ने 'रक्षक' मानकर दी अंतिम विदाई

Stray Dog Sacrifices Life Fighting Snake: किंडरगार्टन के बच्चे बाहर खेल रहे थे. तभी एक जहरीला सांप रेंगते हुए स्कूल परिसर के काफी करीब आ गया. बच्चों को जहरीले जीव की भनक भी नहीं थी. वे अपनी मस्ती में थे. मगर काली ने तुरंत खतरे को भांपा और तेजी से उस पर अटैक कर दिया.

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स्ट्रे डॉग काली की अंतिम यात्रा में कई लोग शामिल हुए. (फोटो-इंडिया टुडे)
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अजय कुमार नाथ

ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक स्कूल में ‘काली’ नाम की फीमेल स्ट्रे डॉग अपनी जान जोखिम में डालकर जहरीले सांप से भिड़ गई. सांप उसे काटता रहा, मगर उसने हार नहीं मानी. बच्चों को बचाने की कोशिश में उसने सांप को मार डाला, लेकिन उसके जहर ने काली की भी जान ले ली. सांप की मौत के कुछ देर बाद काली की भी मौत हो गई. गांव के लोगों ने उसे रक्षक बताते हुए पूरे सम्मान के साथ उसे अंतिम विदाई दी.

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ये घटना धीराकुला गांव के एक स्थानीय स्कूल के पास हुई. इंडिया टुडे से जुड़े अजय नाथ की रिपोर्ट के मुताबिक, किंडरगार्टन के बच्चे बाहर खेल रहे थे. तभी एक जहरीला सांप रेंगते हुए स्कूल परिसर के काफी करीब आ गया. बच्चों को जहरीले जीव की भनक भी नहीं थी. वे अपनी मस्ती में थे. मगर काली ने तुरंत खतरे को भांपा और तेजी से उस पर अटैक कर दिया.

काली ने बिना किसी डर के सांप को बार-बार काटा. उसे बच्चों के पास तक पहुंचने से रोका. सांप ने भी कई बार काली पर अटैक किया. उसके चेहरे और मुंह पर गंभीर जख्म कर दिए. बावजूद इसके काली पीछे नहीं हटी और लगातार सांप से लड़ती रही. आखिर में उसने सांप को मार गिराया. लेकिन तब तक जहर काली के शरीर में फैल चुका था. कुछ ही देर बाद काली जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई.

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गांव के एक स्थानीय निवासी रमेश ने बताया,

“काली नाम की डॉग ने तीस बच्चों की जान बचाई. जब यह घटना हुई, तब बच्चे स्कूल में खेल रहे थे. जैसे ही सांप स्कूल के परिसर में घुसने की कोशिश कर रहा था, काली ने उस पर हमला कर दिया और सबको बचा लिया. काली हमारे इलाके में सबकी चहेती थी. उसकी मौत के बाद, गांव वालों ने उसके अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं और एक शोक सभा का आयोजन किया.”

रिपोर्ट के मुताबिक, काली की अंतिम यात्रा निकालते हुए उसके शरीर को सफेद पकड़े में ढंककर फूलों से सजाया गया. उसे एक आवारा जानवर के तौर पर नहीं, बल्कि एक रक्षक के रूप में सम्मान दिया गया.

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