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नाराज़गी खत्म... मायावती ने भतीजे आकाश आनंद पर फिर जताया भरोसा, पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी

Akash Anand से नाराज़गी के चलते Mayawati ने BSP से उन्हें निकाला दिया था. माफी मांगने पर मायावती ने उन्हें माफ कर पार्टी में दोबारा वापसी कराई. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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मायावाती (बाएं) ने आकाश आनंद (दाएं) को नई जिम्मेदारी सौंपी है.
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कुमार अभिषेक

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रेसिडेंट मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. मायावती ने उन्हें बसपा का चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया है. नई दिल्ली में पार्टी की ऑल इंडिया मीटिंग में यह फैसला लिया गया.

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इंडिया टुडे से जुड़े कुमार अभिषेक और अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार, 18 मई को बसपा के 29, लोधी एस्टेट, नई दिल्ली स्थित सेंट्रल ऑफिस में पार्टी की ऑल इंडिया मीटिंग हुई. इसमें BSP सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी, पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सीनियर पदाधिकारी और देशभर से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

BSP सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पार्टी का प्रेस नोट शेयर किया. इसमें लिखा है,

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“बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी ने पूरे देश भर से आए हुए पार्टी के लोगों की सहमति से श्री आकाश आनंद को पार्टी का मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया तथा उन्हें देश में पार्टी के आगे के कार्यक्रम भी दिये गये. उम्मीद है कि इस बार वे पार्टी व मूवमेंट के हित में हर प्रकार की सावधानी बरतते हुए पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सराहनीय योगदान देंगे.”

लिहाजा, मायावती ने उम्मीद जताई है कि इस बार आकाश आनंद पार्टी और मूवमेंट के लिए उचित कदम उठाएंगे, ताकि BSP की वैचारिक नींव को मजबूती मिले.

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BSP ने तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर भी बनाए हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. रामजी गौतम, राज्यसभा सदस्य, नेशनल कोऑर्डिनेटर, प्रभारी, बिहार
  2. रणधीर बेनीवाल, नेशनल कोऑर्डिनेटर
  3. राजा राम, नेशनल कोऑर्डिनेटर

इन तीनों के ऊपर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद रहेंगे, जो आगामी चुनावों में प्रचार का जिम्मा संभालेंगे.

3 मार्च 2025 में मायावती ने आकाश आनंद को बसपा से निकाला दिया था. उन पर सांप्रदायिक बयान, पार्टी की परंपरागत कार्यप्रणाली को चुनौती देने और अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम करने जैसे गंभीर आरोप लगे थे. हालांकि, 13 अप्रैल 2025 को आकाश आनंद ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी और मायावती ने उन्हें माफ करते हुए दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया.

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