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'कल से पानी भी छोड़ दूंगा', मराठा आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे जरांगे पाटिल का अल्टीमेटम

Manoj Jarange Patil के Maratha Protest में प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने सांसद Supriya Sule की गाड़ी को घेर लिया और वापस लौटते समय उसे रोकने की कोशिश की. सुले ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानसभा के स्पेशल सेशन की मांग की है.

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मनोज जरांगे पाटिल से पहुंचीं NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले. (PTI/India Today)
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ओंकार वाबळे

मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है. मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे जरांगे पाटिल ने मुंबई छोड़ने से इनकार कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि जब तक मराठा समाज को आरक्षण नहीं मिलेगा, वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे. इसके अलावा उन्होंने 'पानी' पर भी बड़ा अल्टीमेटम दे दिया.

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मराठा आंदोलन अब तीसरे दिन में पहुंच चुका है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, जरांगे पाटिल ने चेतावनी दी, "कल से पानी भी बंद करूंगा, लेकिन वापस नहीं जाऊंगा." दूसरी तरफ, आजाद मैदान में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले को मुश्किलों का सामना करना पड़ गया. रविवार, 31 अगस्त को सुले आजाद मैदान में जरांगे पाटिल से मिलने पहुंची थीं.

इंडिया टुडे से जुड़े ओंकार वाबले की रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात के बाद मराठा प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने सुप्रिया सुले की गाड़ी को घेर लिया और वापस लौटते समय उसे रोकने की कोशिश की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वहीं, सुप्रिया सुले ने मराठा आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए ऑल-पार्टी मीटिंग और महाराष्ट्र विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाने की मांग की है.

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इस आंदोलन में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग मुंबई पहुंच रहे हैं. इस भीड़ की वजह से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की हालत बन गई है. मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से दूसरे रास्ते अपनाने की अपील की है.

दरअसल, मनोज जरांगे की मांग है कि मराठा समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कैटेगरी में 10 फीसदी आरक्षण दिया जाए और उन्हें खेती करने वाली 'कुनबी' जाति के तौर पर मान्यता दी जाए. उनका कहना है कि सरकार के पास 58 लाख मराठाओं को ‘कुनबी’ साबित करने वाले रिकॉर्ड हैं और यह मांग पूरी तरह से संवैधानिक है.

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जरांगे पाटिल ने कहा,

"कल से मैं पानी पीना बंद कर दूंगा क्योंकि सरकार मांगें नहीं मान रही है. लेकिन जब तक आरक्षण की मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं वापस नहीं जाऊंगा. चाहे कुछ भी हो जाए हम OBC श्रेणी के तहत मराठा आरक्षण लेकर रहेंगे."

उन्होंने आगे कहा,

"सरकार उन्हें भीड़ समझने की गलती ना करे. ये लोग बहुत दर्द लेकर यहां आए हैं."

उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे गाड़ियां बाहर पार्क करें और ट्रेन से आजाद मैदान पहुंचें. उन्होंने कहा कि वाशी, चेंबूर, सेवरी, मस्जिद बंदर जैसे इलाकों में ट्रकों से खाना बांटा जाए और फिर लोग पैदल मैदान आएं. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग छाता या रेनकोट बांट रहे हैं, उन्हें कोई पैसा ना दे.

राज ठाकरे पर प्रतिक्रिया देते हुए जरांगे ने कहा,

"ठाकरे ब्रांड अच्छा है, दोनों भाई (राज और उद्धव) अच्छे हैं, लेकिन राज ठाकरे दूसरों की बातों पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं."

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को विधानसभा चुनाव में हरवाया था. सीएम फडणवीस ने तरफ से भेजे गए रिटायर्ड जज संदीप शिंदे की अगुवाई वाली कमेटी से हुई बातचीत पर जरांगे ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा,

"मराठाओं को आरक्षण देने की घोषणा का सरकारी फैसला (GR) जज शिंदे का काम नहीं है."

मनोज जरांगे पाटिल ने दोहराया कि मराठवाड़ा के मराठाओं को ‘कुनबी’ घोषित किया जाए. उन्होंने कहा कि हैदराबाद और सतारा के गजट को कानून बनाया जाए. वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि वो कानूनी और संवैधानिक दायरे में रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है. लेकिन जरांगे अपने रुख पर अडिग हैं और आरक्षण मिलने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

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