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24 घंटे में 10 नवजातों की मौत, बंगाल के इस सरकारी अस्पताल ने पूरे राज्य को हिला दिया

West Bengal के Malda Medical College और अस्पताल में एक ही दिन में 10 नवजात बच्चों की मौत का मामला सामने आया है.

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इस मेडिकल कॉलेज में एक दिन में 10 बच्चों की मौत हो गई (PHOTO- India Today)

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  • पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज में एक ही दिन में दस नवजात बच्चों की मौत हो गई, जिसमें से दो बच्चों का जन्म वहीं हुआ और बाकी गंभीर हालत में रेफर किए गए थे।
  • नवजात बच्चों की मौत के पीछे उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे सांस लेने में तकलीफ, पीलिया और दिल की समस्या थीं, तथा कई बच्चे प्राइवेट या सरकारी नर्सिंग होम से रेफर किए गए थे।
  • मालदा मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य विभाग को शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है और विस्तृत जांच की जाएगी ताकि मौतों के कारणों और माताओं तथा नवजातों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की जा सके।

पश्चिम बंगाल के मालदा से एक दर्दनाक खबर आई है. यहां के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक ही दिन में दस नवजात बच्चों की मौत हो गई. इस घटना के बाद बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन से इस मसले पर डिटेल में रिपोर्ट मांगी है. 

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प्राइवेट अस्पतालों ने रेफर किया था

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 10 बच्चों की मौत हुई, उनमें से 8 को दूसरे सरकारी अस्पतालों या प्राइवेट नर्सिंग ने रेफर किया था. यानी इन बच्चों का जन्म भी वहीं हुआ था. इन बच्चों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें सांस लेने में तकलीफ, पीलिया और दिल की समस्या जैसी दिक्कतें थी. अस्पताल ने इन मौतों की बात मानी है. अस्पताल का कहना है कि स्वास्थ्य भवन को शुरुआती रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है. जल्द ही मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी जाएगी.

इस घटना पर जानकारी मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रसेनजीत बार ने बताया,

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‘मालदा मेडिकल कॉलेज में एक ही दिन में दस शिशुओं की मौत हो गई. हालांकि, उनमें से सिर्फ दो का जन्म इसी अस्पताल में हुआ था. बाकी बच्चों को बाहर से गंभीर हालत में यहां रेफर किया गया था. हमने स्वास्थ्य विभाग को शुरुआती रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है, और पूरी रिपोर्ट जल्द ही भेज दी जाएगी.’

मामले की विस्तृत रिपोर्ट से ये पता चलेगा कि आखिर किस तरह की सिचुएशन में बच्चों की मौत हुई. रिपोर्ट में ये ब्यौरा भी होगा कि मेडिकल कॉलेज लाए जाते समय बच्चों की हालत कैसी थी. 

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अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या महिलाओं और नवजात बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में कोई कमी थी? क्या मां और बच्चे की सेहत से जुड़ी मौजूदा व्यवस्थाओं का ठीक से पालन किया गया था?

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