महाराष्ट्र में नगर पालिका चुनाव से पहले ही बीजेपी, शिवसेना और NCP के महायुति गठबंधन ने कई सीटों पर जीत हासिल कर ली है. इस गठबंधन को 68 सीटों पर निर्विरोध जीत मिली है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार, 2 जनवरी को नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी. जिसमें कई विपक्षी दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया. नामांकन वापस लेने की वजह से कई शहरी और स्थानीय निकायों में बिना किसी चुनाव के ही बीजेपी-शिवसेना ने जीत हासिल कर ली.
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव में मतदान से पहले जीती बीजेपी-शिवसेना, गठबंधन को बिना लड़े मिलीं 68 सीटें
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बीजेपी, शिवसेना और NCP के महायुति गठबंधन ने कई सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है. शुक्रवार, 2 जनवरी को नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी. जिसमें कई विपक्षी दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया.
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68 निर्विरोध जीतों में से अकेले भाजपा ने 44 सीटें हासिल की हैं. जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली से आया है. इसके अलावा पुणे, पिंपरी चिंचवड, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर से भी सीटें हासिल की हैं. वहीं, एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना ने 22 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की. यानी, इन 22 सीटों पर शिवसेना के अलावा किसी अन्य पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं था. इस चुनाव में अजीत पवार की NCP ने भी बिना किसी मुकाबले के 2 सीटें हासिल की हैं.
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरलीधर मोहोल ने पार्टी के निर्विरोध जीत की तारीफ की. उन्होंने इस निर्विरोध जीत को पार्टी के अच्छे शासन और प्रदर्शन का प्रमाण बताया. साथ ही कहा कि पुणे के अगले मेयर BJP से ही होंगे. पार्टी के अन्य नेताओं ने इस जीत का श्रेय सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की लोकप्रियता और राज्य के BJP अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की चुनावी रणनीति को दिया.
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वहीं, इन निर्विरोध जीतों पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की भी प्रतिक्रिया आई. पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों की 'धमकियों' और 'रिश्वत' देकर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है. बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गठबंधन की निर्विरोध जीत पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) से राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का भी रिएक्शन आया है. उन्होंने पत्रकारों से इस जीत पर बात की. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा,
‘लोकतंत्र खत्म करने का यह ऐसा तरीका है. जिसमें उम्मीदवारों को ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों के नाम पर डराया जाता है या रिश्वत देकर समझौता करा लिया जाता है. वे (BJP) अपनी जीत खरीदने की कोशिश कर रहें हैं और यह शर्म की बात है कि इस पर चुनाव आयोग चुप्पी साधे हुए है.’
बता दें कि महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 15 जनवरी को होगा. मतगणना अगले दिन यानी 16 जनवरी को होगी.
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