The Lallantop

मध्यप्रदेश में कमरे से मिले कुत्तों के करीब 800 प्राइवेट पार्ट, NGO के लोग ठहरे थे

मध्य प्रदेश के मंडला से बड़ी संख्या में कुत्तों के ऑर्गन्स मिले हैं. इसमें नर कुत्तों के 518 और मादा कुत्तों के 277 ऑर्गन हैं. मंडला पुलिस स्टेशन में इसके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. फिलहाल पुलिस ये पता लगाने में जुटी है ये कि ये ऑर्गन्स कहां से आए और किस लिए इनको जमा किया गया.

Advertisement
post-main-image
मध्य प्रदेश के मंडला में भारी संख्या में कुत्तों के प्राइवेट ऑर्गन्स मिले हैं. (इंडिया टुडे)
author-image
रवीश पाल सिंह

मध्यप्रदेश के मंडला में एक घर से सैंकड़ों की संख्या में कुत्तों के रिप्रोडक्टिव (प्राइवेट) आर्गन्स मिले हैं. बंद कमरे में दो डिब्बों में कुत्तों के 795 ऑर्गन जब्त किए गए हैं. इनमें नर कुत्तों के 518 और मादा कुत्तों के 277 ऑर्गन हैं. इतनी बड़ी संख्या में कुत्तों के प्राइवेट ऑर्गन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

पुलिस को कुत्तों के नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका है. दरअसल पिछले दिनों नगर पालिका मंडला ने कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया था. इसमें प्रति नसबंदी 679 रुपये तय किए गए थे. जबलपुर की एक प्राइवेट NGO 'मां अंबे एंटरप्राइजेज' को यह ठेका दिया गया था, लेकिन आरोप है कि एजेंसी ने शहर में एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं की.

तय समय पर काम नहीं शुरू करने के चलते 2 अप्रैल को टेंडर कैंसिल कर दिया गया. इस बीच एक एनिमल एक्टिविस्ट निशा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि जिस कमरे में NGO के लोग ठहरे थे, वहां संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं. शिकायत पर एक्शन लेते हुए नगर पालिका, पुलिस, तहसीलदार और वेटनरी डॉक्टर्स की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. छापे के दौरान दो कंटेनर में फॉर्मलीन में डूबा कर रखे कुत्तों के 795 ऑर्गन बरामद हुए. 

Advertisement

शिकायत करने वाली निशा सिंह का आरोप है कि इन ऑर्गन्स को बाहर से लाकर स्टॉक में रखा गया था, ताकि इन्हें दिखाकर नसबंदी के नाम पर फर्जी बिल पास कराए जा सकें. 

वेटनरी डॉक्टर सुमित पटेल ने इंडिया टुडे से बात करते हुए बताया कि नसबंदी प्रक्रिया में नर कुत्तों के टेस्टिकल्स और मादा कुतों के ओवरी और यूट्रस निकाले जाते हैं. लेकिन इतने बड़े पैमाने पर अंगों का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है. मंडला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजेंद्र नाफड़े ने बताया,

 कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर निकला था. जबलपुर की एजेंसी ने इसका टेंडर डाला था. उनका टेंडर सैंक्शन भी हो गया. लेकिन एजेंसी ने टेंडर लेकर काम नहीं किया. उनको नोटिस भी दिया गया. फिर काम शुरू नहीं  करने के चलते उनका टेंडर कैंसिल कर दिया गया.

Advertisement

गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि बरामद किए गए ऑर्गन्स कहां से आएं और इसका क्या उद्देश्य है इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि नगर पालिका की ओर से मंडला थाना प्रभारी के पास FIR के लिए एप्लीकेशन दिया गया है. वे इसकी जांच कर रहे हैं. वहीं मंडला एसपी ने बताया कि सभी पक्षों से पूछताछ और जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

वीडियो: किडनैपिंग की, पुलिस पर कुत्ता छोड़ दिया, बर्खास्त IAS Puja Khedkar के माता-पिता पर अपहरण का आरोप

Advertisement