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बारिश में टूटा था पुल, शादी में जा रहे 3 युवकों की बाइक टूटे हिस्से से टकराई, मौके पर ही मौत

लोगों का कहना है कि हादसे के समय पुल पर किसी तरह की कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी का कोई बोर्ड नहीं लगा था. अगर पुल पर जाने वाले रास्ते को प्रशासन ने बंद किया होता या चेतावनी का साइन होता तो शायद हादसा रोका जा सकता था.

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एक्सीडेंट में 3 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई (PHOTO-X)

मध्यप्रदेश के दमोह में प्रशासन की लापरवाही ने 3 युवकों की जान ले ली. यहां एक पुल के टूटे हिस्से से तीन युवक टकरा गए. युवक बाइक चलाकर शादी समारोह में जा रहे थे. लेकिन रास्ते में ये पुल था जो पिछले साल हुई बारिश के बाद कमजोर होकर जगह-जगह से टूट गया था. टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों लड़कों की मौत हो गई. इस घटना में प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है. हादसे के समय टूटे हुए पुल पर आवाजाही रोकने के लिए किसी तरह की कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी वाला कोई बोर्ड नहीं था. इसी कारण तीनों युवक तेज रफ्तार में जाने लगे. लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे पुल का एक हिस्सा टूटा हुआ है.

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ये पूरी घटना 13 फरवरी की देर रात को हुई. रहली विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले तीन युवक बाइक से शादी में जाने के लिए निकले. वो तेंदूखेड़ा से झापन की ओर जा रहे थे. इस सड़क पर झापन के पास ब्यारमा नदी बहती है. इसी नदी पर एक पुल बना हुआ है. लेकिन पिछले साल की बारिश के समय तेज बहाव के कारण पुल का एक हिस्सा टूट कर बह गया. पुल के कुछ हिस्से टूट कर वहीं बिखरे हुए थे. लेकिन कई महीनों बाद भी प्रशासन ने इसकी कोई खोज-खबर नहीं ली. जबकि ये साफ था कि पुल पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है.

दिन में तो साफ दिखने की वजह से लोग इससे बचकर निकल जाया करते थे. लेकिन रात के अंधेरे में बाइक सवार युवक इसका अंदाजा नहीं लगा सके और उनकी बाइक पुल के एक टूटे हुए हिस्से से जा टकराई. टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. आजतक के जुड़े पत्रकार रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के समय बाइक की रफ्तार इतनी तेज थी कि वो पुल के टूटे हुए हिस्से के नीचे जा घुसी. हादसे में 21 साल के अजय घोषी, 21 साल के अमित कुर्मी और 22 साल के पवन कुर्मी की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हादसे के बाद तीनों युवक काफी देर तक वहीं पड़े रहे. लेकिन जब तक लोगों की नजर उन पर पड़ी तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी.

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रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के समय पुल पर किसी तरह की कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी का कोई बोर्ड नहीं लगा था. अगर पुल पर जाने वाले रास्ते को प्रशासन ने बंद किया होता या चेतावनी का साइन होता तो शायद हादसा रोका जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण रात के अंधेरे में युवक तेज रफ्तार से पुल की ओर चले गए जिससे ये दुर्घटना घट गई.

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