लखनऊ से एक घटना सामने आई है जिसमें एक 12 साल के बच्चे उनैज खान को गोली मार दी गई है. 12 साल का उनैज खान अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था. लेकिन वो वहां से कभी घर नहीं लौटा. पार्टी में बर्थडे का केक कटना था. सभी दोस्त वहां इकट्ठा थे. लेकिन कुछ ही पलों में ये पार्टी मातम में बदल गई. अचानक एक गोली चली और वो सीधे उनैज के माथे में जा लगी. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. गोली किसने चलाई, क्या हुआ? इसकी जांच जारी है. लेकिन पुलिस की पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने मामले को और उलझा दिया है.
'आपका बेटा होता तो मेरे घर बुलडोजर चल गया होता... ', बेटे की बर्थडे पार्टी में हुई मौत पर पिता के सवाल
ये लखनऊ का मामला है. 12 साल का उनैज खान अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था. लेकिन वो वहां से कभी घर नहीं लौटा. पार्टी में बर्थडे का केक कटना था. सभी दोस्त वहां इकट्ठा थे. लेकिन कुछ ही पलों में ये पार्टी मातम में बदल गई. अचानक एक गोली चली और वो सीधे उनैज के माथे में जा लगी.
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इस मामले में हत्या का आरोप एक नाबालिग पर है. लेकिन नाबालिग आरोपी का कहना है कि उसने जानबूझकर ऐसा नहीं किया. वो सिर्फ अपने पिता की रिवॉल्वर को चेक कर रहा था. तभी अचानक गोली चल गई और उनैज को जा लगी. आरोपी के चाचा बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी रह चुके हैं. लेकिन इस मामले में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सच में एक्सीडेंटल फायर था? या मामला कुछ और है? साथ ही मृत उनैज के पिता ने कुछ और भी गंभीर सवाल उठाए हैं.
आजतक से जुड़े पत्रकार अंकित मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक सरोजनीनगर में रहने वाले जमीर खान इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाते हैं. उनका बेटा उनैज सातवीं क्लास में पढ़ता था. जमीर ने पुलिस को बताया कि 2 मार्च को कृष्णानगर में एक बिजनेसमैन के घर बर्थडे पार्टी थी. दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बिजनेसमैन का बेटा अपने एक दोस्त के साथ मेरे घर पहुंचा. वो उनैज को अपने साथ ले जाने लगा तो मैंने मना किया. लेकिन उनैज दोस्ती के नाते उसके साथ चला गया. जमीर बताते हैं,
2 मार्च को शाम के करीब 7:30 बजे नाबालिग आरोपी के बिजनेसमैन पिता ने मुझे वॉट्सऐप कॉल की. फोन मेरे बड़े बेटे उसैद ने उठाया. उन्होंने कहा कि तुम्हारा भाई लोकबंधु अस्पताल में है, तुरंत यहां आ जाओ. इसके बाद हम सभी लोग लोकबंधु अस्पताल पहुंचे. लेकिन वहां हमें बच्चे से नहीं मिलने दिया गया. बाद में पुलिस ने बेटे को मृत अवस्था में दिखाया.
जमीर ने बताया कि करीब 8 बजे नाबालिग आरोपी की मां ने मेरी पत्नी के नंबर पर भी कॉल किया. उस समय भी फोन मेरे बड़े बेटे ने ही उठाया. आरोपी की मां ने कहा कि अस्पताल पहुंचकर देख लो कि तुम्हारा बेटा जिंदा है या नहीं. जमीर का आरोप है कि उनके बेटे के माथे के ठीक बीच में गोली लगी थी. उन्होंने सवाल उठाया कि कोई अपने आप माथे के बीच में गोली कैसे खा सकता है? जाहिर है किसी ने उसे पकड़ा होगा और फिर गोली मारी होगी. जमीर का आरोप है कि ये एक हत्या हे. चूंकि आरोपी बड़े परिवार से है. इसलिए हत्या को छिपाने की कोशिश की जा रही है.
पिता के पुलिस से सवालपोस्टमॉर्टम के बाद 3 मार्च को उनैज का शव उसके घर पहुंचा. शव पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी वहां पहुंच गए. इस दौरान लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश भी देखने को मिला. हालांकि एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने जमीर से बात कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया. इस दौरान जमीर ने एसीपी से कहा कि अगर यही गोली मेरे बच्चे की जगह उनके बच्चे को लगी होती, तो पुलिस भी होती, झंडे भी होते और बुलडोजर भी चल चुका होता.
जानकारी के मुताबिक नाबालिग आरोपी के चाचा बसपा से एमएलसी रह चुके हैं. बाद में उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली थी. जमीर खान का आरोप है कि गोली गलती से नहीं लगी, बल्कि माथे पर सटाकर मारी गई है. उनका ये भी आरोप है कि आरोपी के बिजनेसमैन पिता ने स्कूल की पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में उन्हें देख लेने की धमकी दी थी.
जमीर खान की शिकायत पर थाना कृष्णानगर पुलिस ने 3 मार्च को 6 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें 3 नाबालिग हैं. बाकी तीन में नाबालिग आरोपी के माता-पिता और उनका ड्राइवर शामिल है. रिवॉल्वर आरोपी के पिता के नाम पर ही रजिस्टर्ड है. 4 मार्च को पुलिस ने घटना में शामिल एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया. बाद में उसे जुवेनाइल कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया.
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