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15 साल की उम्र में क्वॉन्टम फिजिक्स में PhD, 16 में दूसरी डॉक्टरेट, कौन हैं Laurent Simons?

Belgian Laurent Simons 2 PhD: बेल्जियम के रहने वाले लॉरेंट सिमंस ने 15 साल की उम्र में PhD पूरी कर ली थी. अब 16 साल की उम्र में वे दूसरी डॉक्टरेट कर रहे हैं.

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16 साल की उम्र में दूसरी PHD कर रहे हैं लॉरेंट. (Courtesy-laurent_simons)

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  • लॉरेंट सिमंस ने 15 साल की उम्र में क्वॉन्टम फिजिक्स में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की और 16 साल की उम्र में मेडिकल साइंस में दूसरी डॉक्टरेट कर रहे हैं।
  • लॉरेंट सिमंस ने चार साल की उम्र में स्कूल शुरू किया और 11 साल की उम्र में फिजिक्स में बैचलर डिग्री हासिल की, जिसके चलते उन्होंने जल्दी अकादमिक प्रगति की।
  • लॉरेंट की रिसर्च आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फिजिक्स व मेडिसिन के बीच सम्बन्ध पर केंद्रित है, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में नए अनुसंधान की संभावनाएं बढ़ेंगी।

16 साल की उम्र तक तो ज्यादातर बच्चों का स्कूल भी पूरा नहीं होता. लेकिन एक बच्चा है, जो 15 साल की उम्र में अपनी डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर चुका है. वो भी क्वॉन्टम फिजिक्स में. 16 साल की उम्र में वो दूसरी डॉक्टरेट कर रहा है. वो भी अलग फील्ड में. इस अति-होनहार बच्चे का नाम है लॉरेंट सिमंस. वो बेल्जियम के रहने वाले हैं.

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लॉरेंट सिमंस मेडिकल साइंस में दूसरी डॉक्टरेट कर रहे हैं. उनकी रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फिजिक्स व मेडिसिन के बीच के रिलेशन शामिल हैं. उनकी रिचर्स प्रोफाइल में वो पूरी बॉडी की इमेजिंग और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च पर काम कर रहे हैं. इसमें फिजिक्स और मेडिसिन को एक साथ जोड़ा जाता है.

11 साल की उम्र में बैचलर डिग्री

पिछले साल यानी 17 नवंबर 2025 को एंटवर्प यूनिवर्सिटी में अपनी PhD पूरी की थी. लॉरेंट ने 15 साल की उम्र में क्वॉन्टम फिजिक्स में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर ली थी. उनकी थीसिस में सुपरफ्लुइड्स और सुपरसॉलिड्स में बोस पोलारॉन्स का अध्ययन किया गया था. ये अल्ट्राकोल्ड क्वॉन्टम सिस्टम से जुड़ा एक एडवांस्ड फील्ड है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंट सिमंस की एकेडमिक प्रोग्रेस बचपन से ही हैरतअंगेज रही है. उन्होंने चार साल की उम्र में प्राइमरी स्कूल शुरू किया और जल्द ही सेकेंडरी एजुकेशन भी पूरी कर ली. लगभग आठ साल की उम्र में उन्होंने आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला लिया. वहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

लॉरेंट फिर एंटवर्प यूनिवर्सिटी चले गए. वहां 11 साल की उम्र में फिजिक्स में बैचलर डिग्री. और 12 साल की उम्र में क्वॉन्टम फिजिक्स में मास्टर्स डिग्री हासिल की. बाद में क्वॉन्टम फिजिक्स में ही उन्होंने PhD भी की.

साइंस से इंसानों की मदद करने की इच्छा जाहिर 

PhD होल्डर सिमंस की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकती हैं. उन्होंने जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ क्वॉन्टम ऑप्टिक्स में इंटर्नशिप भी की. इंटर्न पीरियड के दौरान उन्होंने फिजिक्स और मेडिसिन का आपस में संबंध जानने की कोशिश की. उन्हें अमेरिका और चीन की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों से भी ऑफर आए. लेकिन उनके माता-पिता ने उनके शुरुआती ऑफर ठुकरा दिए थे.

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लॉरेंट ने PhD शुरू करने से बहुत पहले साइंस का इस्तेमाल कर इंसान की उम्र बढ़ाने की इच्छा जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि वह आर्टिफिशियल ऑर्गन बनाना चाहते हैं. आगे चलकर उन लोगों की मदद करना चाहते हैं, जिन्हें दिल की समस्याएं हैं. उनके दादा को भी दिल की समस्या थी.

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