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जम्मू कश्मीर: कुलगाम आतंकी हमले में दूसरे मजदूर की भी मौत, अस्पताल में चल रहा था इलाज

Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है. हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

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आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है. (फोटो: ITG)

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  • 31 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने ईंट भट्टे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों को गोली मार दी, जिनमें से एक की मौके पर और दूसरे की अस्पताल में मौत हो गई।
  • यह हमला केलाम इलाके में हुआ, जहां मजदूरों पर गोलियां तब चलीं जब वे काम कर रहे थे, और इसे लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी स्वीकार की है।
  • सुरक्षा बलों ने हमले के बाद इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया तथा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवादियों को खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
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अशरफ वानी

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में दूसरे प्रवासी मजदूर की भी मौत हो गई है. 31 जुलाई को देर शाम आतंकियों ने ईंट भट्टे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों को गोली मार दी थी. हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान दूसरे मजदूर ने भी दम तोड़ दिया. अधिकारियों ने शनिवार, 1 अगस्त को यह जानकारी दी.

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दूसरे मजदूर की अस्पताल में मौत

इंडिया टुडे से जुड़े मीर फरीद और अशरफ वानी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुलगाम हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है. दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. इनकी पहचान दीपक और भूपिंदर के तौर पर हुई है. दीपक ने स्थानीय अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया.

वहीं, भूपिंदर को अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया. बाद में उन्हें श्रीनगर के ‘शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (SKIMS) अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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सर्च ऑपरेशन जारी

यह हमला 31 जुलाई को देर शाम कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में हुआ. आतंकी हमले की खबर मिलते ही सिक्योरिटी फोर्सेज मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है. स्थानीय पुलिस भी आतंकियों की तलाश में जुट गई है. दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकवादी हमले की निंदा की. उन्होंने सुरक्षा बलों को ऑपरेशन तेज करने और हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया है.

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22 जुलाई को अनंतनाग में हुआ था हमला

इससे पहले 22 जुलाई को भी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की मौत हो गई. आशिक भारतीय रिजर्व (IR) की तीसरी बटालियन में कांस्टेबल थे और बडगाम जिले के रहने वाले थे. लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

वीडियो: Operation Guddar: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में एनकाउंटर, मारा गया आतंकी आमिर

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