कोलकाता के मोमिनपुर में जन्माष्टमी का जश्न शहर की मिली-जुली संस्कृति का एक बड़ा उदाहरण रहा है. मुस्लिम निवासी इस हिंदू त्योहार के आयोजन में लंबे समय से अहम भूमिका निभाते आए हैं. लेकिन इस साल इसमें एक बड़ा बदलाव होने वाला है.
कोलकाता में मुस्लिम भी मनाते रहे जन्माष्टमी, इस बार बीजेपी नेता ने चेतावनी दे दी
Kolkata Port area Janmashtami event: कोलकाता में बीजेपी नेता ने जन्माष्टमी को लेकर कहा कि ये हिंदू त्योहार है. इस साल इसका आयोजन सिर्फ हिंदू करेंगे. दरअसल, मोमिनपुर में मुस्लिम निवासी भी हिंदू त्योहार के आयोजन में लंबे समय से अहम भूमिका निभाते आते हैं. लेकिन इस बार उन्हें ऐसा करने से मना किया गया है.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता राकेश सिंह ने कहा है कि जन्माष्टमी एक हिंदू त्योहार है और इसे केवल हिंदुओं द्वारा ही आयोजित किया जाना चाहिए. इस साल यह आयोजन "सिर्फ हिंदू" करेंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,
"हम विश्व हिंदू परिषद (VHP) की इस विचारधारा में विश्वास करते हैं कि धर्म व्यक्ति का होता है और त्योहार भी उसी धर्म के लोगों के होते हैं."
इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम ममता बनर्जी के बयान की भी आलोचना की. ममता बनर्जी का कहना था, "धर्म व्यक्ति का होता है लेकिन त्योहार सबके होते हैं."
‘धार्मिक गतिविधियों की रक्षा करना हमारा फर्ज’जन्माष्टमी आयोजन समिति के अध्यक्ष और चेयरमैन, दोनों पदों पर होने का दावा करने वाले सिंह ने कहा,
"हम अपनी पारंपरिक संस्कृति का अपमान नहीं होने दे सकते. दूसरे धर्मों के लोगों को जरूर पंडालों में आना चाहिए, लेकिन अपनी धार्मिक गतिविधियों की रक्षा करना हमारा फर्ज है. जन्माष्टमी एक हिंदू त्योहार है और इसे केवल हिंदुओं द्वारा ही मनाया जाना चाहिए."
जन्माष्टमी का यह कार्यक्रम कोलकाता के भूकैलाश रोड और हुसैन शाह रोड के चौराहे पर होता है. यह जगह कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड 79 में आती है. यह वार्ड पोर्ट विधानसभा में आता है. यह सुवेंदु अधिकारी और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र की सीमा से सटा है.
जन्माष्टमी के आयोजन से जुड़े प्रमुख संरक्षकों में शहर के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और तृणमूल के वरिष्ठ पदाधिकारी मोहम्मद आलम और सिराजुल करीम शामिल रहे हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार,
पोर्ट विधानसभा से चुनाव हार गए थे सिंह“किडरपोर समाज कल्याण समिति ने जन्माष्टमी कार्यक्रम की शुरुआत लगभग छह दशक पहले की थी. इसमें मुस्लिम समाज सेवी मोहम्मद कासिम शामिल थे. लेकिन समय के साथ यह आयोजन फीका पड़ गया. बाद में 2011 में तृणमूल के सत्ता में आने के बाद मुस्लिम युवाओं के एक समूह ने इसे फिर से शुरू किया.”
राकेश सिंह इस साल पश्चिम विधानसभा चुनाव में पोर्ट विधानसभा सीट से BJP के उम्मीदवार के तौर पर लड़े थे. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. राकेश सिंह इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (कांग्रेस से जुड़ी संस्था) के तहत अलीपुर चिड़ियाघर की लेबर यूनियन को संभालते थे. टाइम्स के मुताबिक, सिंह का बयान ऐसे समय पर आया है, जब एक हफ्ता पहले ही VHP ने कोलकाता में दुर्गा पूजा आयोजकों को आयोजन से जुड़े कुछ दिशा- निर्देश दिए थे.
ये भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट की पहली और इकलौती महिला सदस्य निर्मला यादव कौन हैं?
VHP ने कहा था कि देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो और पंडालों का डिजाइन हिंदू संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखकर बनाया जाए. VHP ने ये भी कहा कि आयोजक आध्यात्मिक पवित्रता और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए मुख्य पंडाल क्षेत्र के अंदर मांसाहारी भोजन पर सख्ती से रोक लगाएं.
वीडियो: क्या इस्तीफा देने के बाद आईएएस दिव्या मित्तल को मिला कांग्रेस का ऑफर?













