केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे (Dharmendra Pradhan Resignation) के बाद केंद्र सरकार ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की जमकर तारीफ की. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के सार्वजनिक जीवन को छात्र कल्याण और सेवा के प्रति समर्पित बताया. NEET-UG पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई हफ्तों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था. आंदोलन का नेतृत्व कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) यह प्रमुख मांग थी कि शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार की ओर से पहला बयान क्या आया?
केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने शिक्षा क्षेत्र में Dharmendra Pradhan के योगदान की जमकर तारीफ की है.

सरकार और आंदोलनकारियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले यह फैसला आया. शनिवार, 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया.
क्या बोले रिजिजू?संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर लिखा,
“असली लीडरशिप को दशकों तक परखा जाता है और धर्मेंद्र प्रधान का सफर सार्वजनिक जीवन और छात्रों के कल्याण के लिए उनके जीवन भर के समर्पण का सबूत है.”
केंद्रीय कैबिनेट में प्रधान के साथ काम करने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के समर्पण को खुद देखा है. रिजिजू ने कहा,
“यूनियन कैबिनेट में उनके साथ काम करते हुए, मैंने भारत के एजुकेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने और हमारे लाखों युवा स्टूडेंट्स को हर फैसले के सेंटर में रखने के लिए उनका सच्चा डेडिकेशन देखा है. ऐसे अहम सेक्टर को लीड करने के लिए बहुत ज्यादा लगन की जरूरत होती है और उन्होंने इसे हिम्मत और साफ विजन के साथ अपनाया.”
उन्होंने शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के काम के लिए उनका शुक्रिया अदा किया और भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं.
ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की 10 बड़ी बातें, रिजाइन करने की 'असली' वजह ये बताई है
CJP ने क्या कहा?कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस इस्तीफे को ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया है. CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि ‘लोकतंत्र में डरने की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा,
"धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं, अगर आप इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं."
बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन चल रहा है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक थी. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इसे लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. शनिवार, 25 जुलाई को देश के अलग-अलग हिस्सों से उग्र प्रदर्शन की भी खबरें आने लगी थीं.
वीडियो: नेतानगरी: मोदी सरकार के 12 सालों का सबसे बड़ा इम्तिहान! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से ही थमेगा छात्रों का गुस्सा?










