उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. एक महिला ऑपरेशन कराने अस्पताल पहुंची थी. लेकिन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने महिला के शरीर के अंदर ही तौलिया छोड़ दी. इससे वो चार महीने तक तड़पती रही. जब दोबारा ऑपरेशन हुआ तब महिला के पेट से तौलिया निकाली गई. अब महिला के पति ने अस्पताल के खिलाफ जांच की मांग की है.
ऑपरेशन के बाद से महिला दर्द से थी परेशान, 4 महीने बाद पेट से तौलिया निकली
कानपुर में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की गंभीर लापरवाही का पता लगा है. ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया ही छोड़ दी गई, जिससे वह चार महीने तक तड़पती रही. अब दूसरे ऑपरेशन में तौलिया बाहर निकाली गई.

आजतक से जुड़े रंजय सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला कानपुर देहात का है. पीड़िता का नाम सोनी है. उसकी उम्र 24 साल है. उसके पति वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत के चलते महिला को इलाज के लिए शहर लाया गया था. सोनी को मकसूदाबाद इलाके के ओम शांति अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच में पता चला कि बच्चेदानी में ट्यूब फ़टने से पेट में खून जमा हो गया है.
वीरेंद्र के मुताबिक, ओम शांति अस्पताल के संचालक अजय ने आश्वासन दिया था कि सब कुछ एक ही अस्पताल में होगा. मगर बाद में उसने कहा कि ऑपरेशन थिएटर खराब है. फिर मरीज को कल्याणपुर के विश्वास अस्पताल में एक किराए के ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया. वहां सर्जन डॉ. रचिता निगम द्वारा ऑपरेशन किया गया. इसके बाद सोनी को वापस ओम शांति लाकर डिस्चार्ज कर दिया गया. वीरेंद्र का आरोप है कि इस ऑपरेशन के बदले अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये लिए थे.
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डॉक्टर का फोन बंदऑपरेशन के बाद से ही सोनी को राहत मिलने के बजाय लगातार पेट में तेज दर्द बना रहा और ऑपरेशन वाली जगह से मवाद आने लगा. चार महीने तक वो इस दर्द से जूझती रही और कई जगहों पर इलाज कराती रही. मगर तकलीफ कम न हुई. जब सोनी की हालत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उसे अकबरपुर के एक अस्पताल ले गए. वहां जब डॉक्टरों ने उसकी दोबारा सर्जरी की, तो उसके पेट के अंदर एक तौलिया फंसी हुई मिली.
अब आरोपी डॉक्टर और अस्पताल संचालक दोनों के ही फोन बंद हैं. पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है. विश्वास अस्पताल के संचालक ने बताया है कि उन्होंने ओम शांति अस्पताल के संचालक अजय को ऑपरेशन थिएटर 4000 रुपये में किराए पर दिया था. साथ ही ये साफ़ किया कि मरीज से उनका कोई लेना-देना नहीं था.
इस मामले में डिप्टी CMO डॉ रमित रस्तोगी का कहना है मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. वहीं, एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने में जुटी है. वहीं पीड़िता सोनी अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.
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