रांची में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रोटेस्ट जारी है. झारखंड से लेकर दिल्ली तक इस आंदोलन की गूंज सुनाई दे रही है. आंदोलन के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठन AISA ने शुक्रवार ( 7 अगस्त) को विधानसभा के लिए मार्च निकाला था. इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. प्रदर्शनकारियों के समर्थन में रांची पहुंची AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर मार्च के दौरान किसी ने स्याही फेंक दी.
JPSC Protest: रांची में AISA के मार्च के दौरान बवाल, स्टूडेंट लीडर नेहा बोरा पर फेंकी स्याही
झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर लगातार 14वें दिन भी प्रोटेस्ट जारी है. 7 अगस्त को वामपंथी छात्र संगठन AISA ने विधानसभा मार्च निकाला था. इस दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर किसी ने स्याही फेंक दी.

नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले आरोपी को सुरक्षा बलों ने अरेस्ट कर लिया है. सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. हालांकि, गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार की ओर से कई बार बातचीत और जांच का आश्वासन दिया गया है.
बीजेपी-RSS पर लगाया आरोप
स्याही फेंके जाने पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना. लेकिन मार्च में मौजूद सिक्योरिटी फोर्सेज ने स्थिति संभाल ली. स्याही फेंकने वाले को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. मीडिया से बातचीत में नेहा बोरा ने बीजेपी-RSS से जुड़े लोगों पर स्याही फेंकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,
20 जुलाई को हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. हमारे ऊपर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया. जब हम तब नहीं डरें तो अब मामूली स्याही से क्या डरेंगे. लेकिन जो बीजेपी-RSS के गुंडे स्टेडियम में बैठकर बोल रहे हैं कि वे छात्रों के साथ खड़े है, जब JPSC और JSSC(CGL) को रद्द करने के लिए छात्र मार्च निकाल रहे हैं, तो वहीं गुंडे मेरे ऊपर स्याही फेंकते हैं. ये छात्रों के कैसे हितैषी हैं?
स्याही फेंकने वाला हुआ गिरफ्तार
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले छात्र को वहां मौजूद सिक्योरिटी फोर्सेज ने गिरफ्तार कर लिया है. अभी उसकी पहचान नहीं हो पाई है. गिरफ्तारी के समय मीडिया से बात करते हुए उसने कहा,
नेहा बोरा पसंद नहीं है. वो उमर खालिद की समर्थक है, इसीलिए स्याही फेंके. हमको कोई फर्क नहीं पड़ता ये लोग देशद्रोही हैं.
नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट से चर्चा में आई नेहा बोरा AISA की ओर से कई विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा रही हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट किया था. इस दौरान सोनम वांगचुक के साथ नेहा और उनके कुछ साथी भी भूख हड़ताल पर बैठे थे. करीब 23 दिन तक इन लोगों ने भूख हड़ताल की थी.
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आंदोलनकारियों से मिले ADM और SDM
7 अगस्त को रांची के ADM और SDM सरकार का मैसेज लेकर छात्रों के बीच जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत के लिए भेजी गई लिस्ट में संशोधन करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि डेलिगेशन में केवल छात्रों के नाम ही शामिल किए जाएं. उनकी ओर से पत्रकारों और वकील का नाम लिस्ट से हटाने का सुझाव दिया गया है. इस पर छात्रों ने कहा कि वे आपसी सहमति के बाद शाम 5 बजे तक संशोधित लिस्ट सरकार को भेज देंगे, ताकि बातचीत आगे बढ़ सके.
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