The Lallantop

'जनता की सेवा' के लिए पुलिस में आए, 3 दिन बाद ही घूस लेते पकड़े गए दरोगा जी!

‘नमक का दरोगा’ कहानी में दरोगा मुंशी वंशीधर के पिता उनको ये सबक नहीं सिखा पाते. लेकिन झारखंड में नए-नए नियुक्त हुए दरोगा जी लगता है इसी रास्ते चलना चाह रहे थे. लेकिन 'सिर मुड़ाते ओले पड़ गए.' नौकरी के महज 96 घंटे के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी गिरफ्तारी हो गई.

Advertisement
post-main-image
थाना प्रभारी शैलेश कुमार घूस लेते रंगे हाथों धर लिए गए. (एक्स)

‘वेतन तो पूर्णमासी का चांद है जो एक दिन दिखाई देता है और घटते-घटते लुप्त हो जाता है. ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत है जिससे सदैव प्यास बुझती है.’ 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

‘नमक का दरोगा’ कहानी में दरोगा मुंशी वंशीधर के पिता उनको ये सबक नहीं सिखा पाते. लेकिन झारखंड में नए-नए नियुक्त हुए दरोगा जी लगता है इसी रास्ते चलना चाह रहे थे. लेकिन 'सिर मुड़ाते ओले पड़ गए.' नौकरी के महज 96 घंटे के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी गिरफ्तारी हो गई.  

झारखंड के गुमला जिले के तहत आने वाले चैनपुर थाने में पोस्टेड थाना प्रभारी (दरोगा) शैलेश कुमार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 30 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार ने 18 जनवरी को ही चैनपुर थाना का प्रभार संभाला था और 21 जनवरी को घूस लेते उनकी गिरफ्तारी हो गई.

Advertisement

आरोप है कि शैलेश कुमार और पूर्व थाना प्रभारी अशोक कुमार ने जयपाल नायक नाम के एक ग्रामीण से अपने घर के लिए ईंट पकाने की अनुमति देने के लिए रिश्वत की मांग की थी. पीड़ित जयपाल नायक रिश्वत देने को तैयार नहीं थे. लेकिन पुलिस अधिकारी उन पर पैसे देने का दबाव बना रहे थे. चैनपुर थाने से जुड़े अधिकारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जयपाल नायक ने रांची स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के कार्यालय में शिकायत दर्ज करा दी.

उनकी शिकायत के आधार पर 21 जनवरी को एसीबी ने प्लान करके शैलेश कुमार को 30 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने उनके घर पर करीब 15 मिनट तक सर्च ऑपरेशन भी चलाया. तलाशी के बाद आरोपी थाना प्रभारी को पूछताछ के लिए रांची ले जाया गया.

गुमला जिले की इस घटना से पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2 जनवरी को भी ऐसी ही एक कार्रवाई की थी. टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची के सदर सीओ मुंशी राम को 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. इसके बाद मुंशी राम के घर पर भी छापेमारी हुई थी, जिसमें 11 लाख 42 हजार रुपये कैश बरामद हुए थे.

Advertisement

वीडियो: वाराणसी में दरोगा की पिटाई करने वाले बीजेपी पार्षद के बेटे का क्या हुआ?

Advertisement