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दो दोस्त साथ पढ़े-खेले, हॉस्टल के एक ही रूम में की पढ़ाई, अब IIT में एक रैंक-1 तो दूसरा रैंक-2

JEE Advanced 2026: शुभम कुमार रैंक 1 और कबीर छिल्लर रैंक 2 ने इस बार के JEE एडवान्स्ड एग्जाम में इतिहास रच दिया. दोनों एक ही साथ कोचिंग जाते और एक ही हॉस्टल के कमरे में रहते थे. दोनों दोस्त अब लाखों बच्चों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं.

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JEE Advanced 2026 के रिजल्ट में टॉप 2 में दो दोस्त- रैंक 1 शुभम (L) और रैंक 2 कबीर (R).

JEE Advanced का रिजल्ट आया. इस बार दो दोस्तों ने मिलकर इतिहास रचा. दोनों की मेहनत ने उन्हें रैंक 1 और रैंक 2 पर लाकर खड़ा कर दिया है. कोटा की गलियों से निकली ये कहानी इस वक्त पूरे देश में चर्चा में है. एक ही शहर के दो दोस्त. एक ही हॉस्टल का कमरा. एक ही कोचिंग और एक ही सपना. सपना 'JEE Advanced क्रैक करना'.

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सालों तक साथ पढ़ाई की, साथ स्ट्रगल किया और जब रिजल्ट आया तो बिहार के शुभम कुमार (Shubham kumar) बने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1. वहीं उनके दोस्त कबीर छिल्लर (Kabeer Chhillar) ने हासिल की AIR 2. दोनों के नंबरों में सिर्फ एक अंक का फर्क रहा. अब दोनों लाखों बच्चों के रोल मॉडल बन चुके हैं. आखिर कैसे दो दोस्तों ने साथ रहकर देश के सबसे मुश्किल एग्जाम्स में से एक JEE Advanced को क्रैक किया? ये जानना दिलचस्प है. 

31 मई की देर रात जब JEE एडवांस्ड का रिजल्ट जारी हुआ, तो रैंक लिस्ट में दोनों दोस्तों का नाम साथ-साथ दिखा. शुभम को 360 में से 330 नंबर मिले हैं और कबीर को 329. मात्र एक नंबर का फर्क.

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शुभम ने क्या बताया?

आजतक से जुड़े चेतन गुर्जर से बातचीत में शुभम और कबीर ने बताया कि दोनों दिनभर पढ़ाई करने के बाद शाम को साथ बैडमिंटन खेलते थे, ताकि दिमाग फ्रेश रहे. दोनों दोस्त अब साथ में IIT बॉम्बे से कम्प्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं. शुभम ने बताया कि वो पिछले दो साल से कोटा में रहकर JEE की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने बताया, 

‘मुझे फिजिक्स थोड़ा ज्यादा पसंद था, लेकिन ऐसा नहीं कि कोई बहुत फेवरेट विषय हो. मैं अपने लक्ष्य के प्रति डेडिकेटेड था. मैं सोशल मीडिया भी कम चलाता था. सिर्फ परिवार और कुछ दोस्तों तक ही सीमित रखता था. कोटा ने मुझे पढ़ाई के साथ-साथ बहुत से अच्छे दोस्त दिए हैं.’

शुभम का मानना है कि सक्सेस घंटो तक पढ़ने से नहीं, बल्कि क्वालिटी स्टडी करने से मिलती है. वो भारी नाश्ते की बजाय अंकुरित मूंग और फल खाते थे. फोकस्ड रहने के लिए सोशल मीडिया और फिल्मों से दूरी रखते थे. टेंशन कम करने के लिए खेलते थे. वो अपनी कॉपी पर “JEE Advanced Topper” लिखते थे, जिससे आत्मविश्वास बना रहे. 

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कबीर ने क्या कहा? 

वहीं सेकंड रैंक पाने वाले कबीर बताते हैं कि वो अपने दोस्त शुभम के लिए खुश हैं. उन्हें निराशा नहीं है कि वो रैंक वन नहीं ला पाए. कबीर का कहना है कि शुभम ने दो साल तक कड़ी मेहनत की है और वो इस सफलता का हकदार है. 

‘पेपर देने के बाद कुछ दिनों तक बुरा लग रहा था. लेकिन अब कोई दिक्क्त नहीं है. वो भी मेरा दोस्त ही है. जब मैं कोटा आया था तो मेरा टारगेट टॉप 100 था. फिर धीरे-धीरे मैंने काम किया और मैं यहां तक आ गया. आप सबसे ये कहूंगा कि आप भी खुद में भरोसा करिए.’

कबीर ने बताया कि उनके पिता भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और आईआईटी खड़गपुर से पढ़े हैं. वहीं उनकी मां टीचर हैं. दोनों टॉपर्स का मानना है कि रैंक के प्रेशर में नहीं जीना चाहिए. पढ़ाई के साथ-साथ मेंटल हेल्थ सही रहना, अच्छी नींद लेना और खेलना भी जरूरी है.

इस साल JEE एडवांस्ड रिजल्ट की टॉपर लिस्ट में कोटा का ही दबदबा रहा. टॉप 3 के तीनों स्टूडेंट्स कोटा से ही पढ़े हैं. कुल 1 लाख 87 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था, जिसमें से 56 हजार 880 ने क्वालिफाई किया है. इनमें 10 हजार 107 लड़कियां हैं. क्वालिफाईड स्टूडेंट्स के लिए 2 जून से काउंसलिंग भी शुरू हो गई है, जिससे अब वो एडमिशन ले सकेंगे.

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