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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, लाल चौक पर तैनात कांस्टेबल पर चलाई गोलियां, मौत हो गई

ये हमला अनंतनाग के लाल चौक के पास हुआ, जहां पुलिस कांस्टेबल पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थे. बाइक से आए एक आतंकवादी ने उन पर गोलीबारी की और मौके से फरार हो गया. गोलियों की आवाज से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया.

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कॉस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की आतंकी हमले में मौत हो गई. (इंडिया टुडे)

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  • 22 जुलाई को अनंतनाग में पुलिस कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर हुए आतंकी हमले में उनकी मौत हो गई, जिस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली है।
  • हमले का कारण क्षेत्र में बढ़ते आतंकवादी गतिविधियों और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था के संदर्भ में जांच जारी है, जिससे तनावपूर्ण सुरक्षा स्थिति बनी हुई है।
  • हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए हैं और हमलावर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी की गई है।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में 22 जुलाई को हुए आतंकी हमले में एक पुलिस कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की मौत हो गई. आशिक भारतीय रिजर्व (IR) की तीसरी बटालियन में कांस्टेबल थे और बडगाम जिले के रहने वाले थे. लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने सोशल मीडिया पोस्ट करके इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला

इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ये हमला अनंतनाग के लाल चौक के पास हुआ, जहां पुलिस कांस्टेबल पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थे. बाइक से आए एक आतंकवादी ने उन पर गोलीबारी की और मौके से फरार हो गया. गोलियों की आवाज से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया.

इस हमले में हुसैन कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गए. उनको तुरंत इलाज के लिए अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) हॉस्पिटल ले जाया गया. लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. प्रोटोकॉल के मुताबिक अब मेडिकल और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.

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सिक्योरिटी फोर्सेज चला रहीं सर्च ऑपरेशन

इस हमले के तुरंत बाद सिक्योरिटी फोर्सेज ने पूरे इलाके की घेरेबंदी कर ली और हमलावर का पता लगाने के लिए सर्च अभियान शुरू किया. एडिशनल सिक्योरिटी फोर्सेज को घटनास्थल पर भेजा गया है. सारे मेन रूट्स पर पुलिस चौकियां बिठाई गई हैं. सीनियर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावर की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. वहीं काउंटर टेरर ऑपरेशन में भी तेजी हुआ है. ऐसे में अनंतनाग में पुलिस कांस्टेबल पर ये हमला कैसे और क्यों हुआ इसकी जांच अभी चल रही है.

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पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाने बनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की थी.

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