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दलित ट्रक ड्राइवर को जबर्दस्ती गोबर खिलाया, जातिसूचक गालियां दीं, 6 पर केस

जालना में 43 साल के मिनी ट्रक ड्राइवर का आरोप है कि खुद को गोरक्षक बताने वाले लोगों ने उसे जबरन गोबर खिलाया और जातिसूचक गालियां दीं. आरोपियों ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसे देखने के बाद पीड़ित ने करीब तीन महीने बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

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दलित को गोबर खिलाने के मामले में केस दर्ज किया गया है. (फोटो- India today)

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  • महाराष्ट्र के जालना में 23 मई 2026 को एक मिनी ट्रक चालक परमेश्वर हिवाले और उनके नाबालिग बेटे पर कुछ लोगों ने जातिवादी गालियां दीं और जबरन गाय का गोबर खिलाया।
  • इस मामले की पृष्ठभूमि में पीड़ित का आरोप है कि बजरंग दल के समर्थकों ने उनकी बछड़े की खरीद के दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन पर हमला किया और सामाजिक उत्पीड़न किया।
  • पीड़ित ने वायरल हुए हमले के वीडियो के बाद 27 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके तहत आरोपियों के खिलाफ कई भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला चल रहा है।

महाराष्ट्र के जालना में 43 साल के मिनी ट्रक चलाने वाले को जबरन गाय का गोबर खिलाया गया. उसे जातिवादी गालियां दी गईं और उसके नाबालिग बेटे के साथ भी मारपीट की गई. इस आरोप में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. घटना तीन महीने पहले की है. बताया जा रहा है कि पीड़ित ने डर के मारे तुरंत शिकायत दर्ज नहीं कराई लेकिन आरोपियों ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. पीड़ितों तक जब ये वीडियो पहुंचा, उसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया. 

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क्या है मामला?

पीड़ित का नाम परमेश्वर हिवाले है. उन्होंने बताया कि उन पर ये हमला 23 मई 2026 को हुआ था. वह और उनका नाबालिग बेटा एक अन्य व्यक्ति के साथ देउलगांव राजा से जालना जा ररहे थे. देउलगांव राजा से उन्होंने एक बछड़ा खरीदा था. उनके पास इस खरीद के सारे दस्तावेज भी थे. दोपहर तकरीबन साढ़े 3 बजे के आसपास जालना के कन्हैयानगर टी-पॉइंट के पास कई लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया. बाद में कई बाइकों से उनकी गाड़ी रोक ली गई. उन्हें घेरकर पूछताछ की गई. 

परमेश्वर हिवाले ने बताया कि उन लोगों ने खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता और गोरक्षक बताया था. आरोपियों में से एक ने उनका कॉलर पकड़ लिया और गालियां दीं. उन्हें थप्पड़ मारे. एक दूसरे आरोपी ने उन पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं और अपमानित किया. जब उन्होंने बछड़े की कानूनी खरीद के डॉक्युमेंट्स दिखाए. तब भी वे उन्हें धमकाते और मारते-पीटते रहे. हिवाले का आरोप है कि इसी बीच एक आरोपी ने उनकी गाड़ी से गोबर निकालकर उनके मुंह में ठूंस दिया. उनके नाबालिग बेटे को भी गोबर खिलाने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने उसे बचा लिया. 

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हिवाले ने बताया कि आरोपियों ने उनके नाबालिग बेटे को निर्वस्त्र करने की धमकी दी. इन सबसे वह इतना डर गए कि विरोध करने की हालत में नहीं रहे. 

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पुलिस अधिकारी क्या बोले?

जालना के एसपी तेगबीर सिंह संधू ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि हमला करने वालों ने परमेश्वर को जबरन गोबर खिलाया. घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया. संधू के मुताबिक, परमेश्वर शुरुआत में इस मामले की शिकायत करने से बच रहे थे. लेकिन 20 अगस्त को उनके चचेरे भाई ने उन्हें इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा वो वीडियो दिखाया, जो हमले के वक्त आरोपियों ने बनाया था. वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था. ये वीडियो देखने के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया.

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27 अगस्त, गुरुवार की शाम को परमेश्वर ने तालुका पुलिस स्टेशन में एससी-एसटी ऐक्ट में एफआईआर दर्ज कराई. तालुका पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 189(2), 190, 352 और 351(2) भी लगाई गई है.

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