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कहां जाएं मिठास के प्रेमी? चीनी के बाद गुड़ की कीमतें भी टेंशन दे रहीं

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े गुड़ उत्पादक राज्यों में पिछले 15 दिनों में गुड़ के दाम 25% तक बढ़ गए हैं. मिलावटी गुड़ पर कार्रवाई से सप्लाई घटने और त्योहारों की बढ़ती मांग के बीच कीमतों में और तेजी की आशंका है.

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गुड़ की कीमतें भी चढ़ीं. (फोटो- India today)

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  • महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में गुड़ की कीमतों में 25 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है, जो त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का कारण बन रही है।
  • महाराष्ट्र में एफडीए की मिलावटी गुड़ के खिलाफ कार्रवाई के कारण गुड़ की आपूर्ति में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं।
  • बढ़ती कीमतों के कारण मिठाई विक्रेता और ग्राहक प्रभावित होंगे, और विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने की घटती पैदावार के कारण 2027 तक कीमतें ऊंची रह सकती हैं।

चीनी के बाद अब गुड़ की हालत भी ‘गुड’ नहीं है. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े गुड़ उत्पादक राज्यों में भी इसकी कीमतों में भारी उछाल आया है. पिछले 15 दिन के अंदर इन दोनों राज्यों में गुड़ की कीमतें 25 फीसदी तक बढ़ गई हैं. त्योहारी सीजन आने से पहले ‘मिठास’ की महंगाई से लोगों के त्योहार नीरस हो सकते हैं. 

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इकनॉमिक टाइम्स ने उद्योग जगत के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अक्टूबर तक गुड़ की ‘उछली’ कीमतें ठहरी रह सकती हैं. इसके बाद ही ताजा गुड़ मार्केट में आएगा और तभी इसके दाम गिरने के आसार बनेंगे.

क्यों बढ़े गुड़ के दाम?

गुड़ की बढ़ती कीमतों की वजह इसके उत्पादन में कमी आना है. इसकी कड़ियां हाल ही में चर्चा में आए एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे से भी जुड़ती हैं. महाराष्ट्र गुड़ उत्पादन करने वाला बड़ा राज्य है. यहां फूड ऐंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेश (एफडीए) ने मिलावटी गुड़ के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. ये वही विभाग है, जिसके कमिश्नर तुकाराम मुंडे हैं. महाराष्ट्र में ये कार्रवाई जून 2026 से ही चल रही है. यहां जून महीने में पुणे की एफडीए यूनिट ने शहर में 16 टन मिलावटी गुड़ जब्त किया था. 

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इस कार्रवाई ने महाराष्ट्र के अन्य जिलों पर भी असर डाला. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद कोल्हापुर मंडी में गुड़ की आमद करीब 70 प्रतिशत तक घट गई. आम दिनों में जहां लगभग 17 गाड़ियों में गुड़ मंडी पहुंचता था, वहीं ये आंकड़ा घटकर केवल 5 गाड़ियों तक आ गया. इससे गुड़ के दामों में काफी तेज बढ़त देखी गई. बताया गया कि कार्रवाई के बाद कई गुड़ उत्पादकों ने अपनी दुकान बंद कर दी. 

गुड़ की सप्लाई गिरी

ईटी की रिपोर्ट कहती है कि मिलावटी गुड़ बनाने वाली इकाइयों पर सरकार की कार्रवाई के कारण पिछले तीन महीनों से गुड़ की सप्लाई काफी गिर गई है. इससे दबाव और बढ़ गया है. उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि अगले साल गन्ने की पैदावार घटने की आशंका के चलते गुड़ की कीमतें 2027 तक ऊंची बनी रह सकती हैं. इससे मिठाई के दुकानदारों और उनके ग्राहकों पर असर पड़ेगा. बताया जा रहा है कि अगस्त महीने में देशभर में गुड़ की कीमतें 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं. 

कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि जो गुड़ हफ्ते भर पहले 40 से 50 रुपये प्रति किलो मिलता था, वही 70 से 90 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यो में भी गुड़ की कीमतों में बेतहाशा बढ़त देखी गई है.

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ये हाल सिर्फ देश के उत्तरी राज्यों में नहीं है. सबसे दक्षिणी राज्य केरल में भी गुड़ और चीनी की बढ़ी कीमतों ने उनके सबसे प्रमुख त्योहार पर असर डालना शुरू कर दिया है. थिरुवोनम (Thiruvonam) केरल के लोगों का सबसे बड़ा पर्व है. इस दिन एक खास पारंपरिक खाना बनता है- ओणम साध्या. इस खास थाली का सबसे अहम हिस्सा अदा प्रधमान (Ada Pradhaman) नाम की मिठाई होती है, जो हर घर में बनती है. यहां बिक रहे 80 रुपये किलो गुड़ और 70 रुपये किलो चीनी की वजह से इस खास थाली की लागत भी बढ़ने वाली है.  

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