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नाले में गिरने के 4 दिन बाद बच्चे का शव मिला, कूड़े में बेटे को ढूंढते पिता का वीडियो भावुक कर गया

Jasola drain accident: दिल्ली के जसोला गांव में एक बच्चा पतंग लेने के चक्कर में नाले में गिर गया था. लगभग चार दिन तक चले ऑपरेशन के बाद उसका शव मिल गया है. इस बीच लड़के के पिता का भी वीडियो वायरल है. जिसमें वह खुद नाले में कूदकर बच्चे को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं.

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मिथुन का शव ढूंढने के लिए उसके पिता खुद नाले से कूड़ा हटाने लगे थे. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • दिल्ली के जसोला गांव में 22 अगस्त को पतंग लेने के दौरान नाले में गिरे 15 वर्षीय मिथुन का शव लगभग चार दिन बाद शाहीनबाग के नाले में फंसा मिला।
  • मिथुन के नाले में गिरने की वजह खुला नाला और उससे निकल रही गंदी स्थिति थी, जिसमें पतंग निकालते समय उसका पैर फिसल गया था, जिससे वह नाले में गिर गया।
  • मृत्यु के बाद दिल्ली सरकार ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा की, संबंधित अधिकारी को सस्पेंड किया और नाले की देखरेख तथा सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।

दिल्ली के जसोला गांव में नाले में गिरे एक बच्चे का शव चार दिन बाद मिल गया है. 15 साल का मिथुन शनिवार, 22 अगस्त को पतंग लेने के चक्कर में खुले नाले में गिरा गया था. करीब चार दिन से उसे ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा था. 25 अगस्त को उसका शव शाहीनबाग की तरफ फंसा मिला.

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इस घटनाक्रम के बीच मृतक के पिता अवधेश कुमार का भी वीडियो वायरल हो रहा है. सर्च ऑपरेशन में देरी के चलते वे खुद ही नाले में उतर गए थे. हाथ से कूड़ा हटा रहे थे. ताकि उनका बेटा मिल जाए. वीडियो रिकॉर्ड कर रहा शख्स कह रहा है,

यहां इतना कचरा है. अगर कूड़ा हट जाता, तो हमारा लड़का मिल सकता है. कहीं नहीं है, तो यहां मिल जाता. उनकी मशीन 12 बजे से आई है. अब तक नहीं मिला.

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पतंग लेते समय फिसल गया था पैर

इंडिया टुडे से जुड़े आशुतोष कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, आठवीं क्लास में पढ़ने वाले मिथुन का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का है. उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में मजदूरी करते हैं. शनिवार, सुबह 11 बजे मिथुन नाले के पास गया था. बताया गया कि वह फंसी हुई एक पतंग निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह सीधा नाले में जा गिरा.

घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली फायर सर्विस, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), बचाव कर्मी और गोताखोर बच्चे को ढूंढने में लग गए. नाले और उसके नीचे के रास्ते पर किशोर का पता लगा रहे थे. लगभग चार दिन तक चले ऑपरेशन के बाद बच्चे का शव शाहीनबाग की तरफ फंसा हुआ मिला. बताया गया कि शव जसोला से बहकर यहां तक आ गया था.

दिल्ली सरकार की मामले में कार्रवाई

दिल्ली नगर निगम (MCD) इस नाले को मेंटेन करती है. यह ड्रेन जसोला और शाहीन बाग से होकर आगरा नहर में जाकर मिल जाता है. आखिर में यमुना की ओर बहता है. यह नाला रिहायशी इलाके में है. दोनों तरफ घर हैं. नाला खुला हुआ है. इस पर कोई भी सेफ्टी नेट नहीं लगा है.

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मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नाले के अधिकार क्षेत्र के बारे में मुख्य सचिव से जानकारी मांगी. साथ ही निर्देश दिया कि इस गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड किया जाए. इसके बाद MCD ने कथित तौर पर ड्यूटी में लापरवाही के लिए एक जूनियर इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया. नगर निकाय ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की गई है.

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