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Digi Yatra के डेटा से टैक्स चोरी करने वालों पर नकेल कसी जाएगी? आयकर विभाग का जवाब आया

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि डिजी यात्रा ऐप का इस्तेमाल करने वाले फ्लायर्स अगर इनकम टैक्स फाइल नहीं करते तो उन्हें IT विभाग से नोटिस मिल सकता है. इसमें दावा किया गया था कि टैक्स विभाग 2025 में डिजी यात्रा डेटा के आधार पर नोटिस जारी करना शुरू कर देगा.

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मीडिया रिपोर्ट्स पर आयकर विभाग ने सफाई दी है. (फोटो- PTI)

क्या टैक्स चोरी करने वालों की नकेल कसने के लिए Digi Yatra के डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा? इससे जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट्स आने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT) ने 30 दिसंबर को सफाई जारी की है. IT डिपार्टमेंट ने ऐसी रिपोर्ट्स पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि सरकार ने डिजी यात्रा का डेटा इस्तेमाल करने के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है.

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक पोस्ट कर बताया,

“ऐसा देखा गया है कि समाचार रिपोर्ट्स में कहा गया है कि डिजी यात्रा डेटा का उपयोग टैक्स की चोरी करने वालों पर नकेल कसने के लिए किया जाएगा. ये स्पष्ट किया जाता है कि आज की तारीख तक IncomeTax India विभाग द्वारा ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है.”

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'डिजी यात्रा' नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा चलाई गई एक डिजिटल पहल है. इससेे हवाई यात्रा करने वालों को पेपर और आईडी कार्ड के झंझटों से राहत मिलती है. ये अलग-अलग चेकपॉइंट्स, जैसे चेक-इन, सुरक्षा और बोर्डिंग गेट पर यात्रियों की पहचान को वेरीफाई करने के लिए फेशियल रिकगनिशन का उपयोग करता है. इसमें किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता नहीं होती है.

30 दिसंबर की दी न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि डिजी यात्रा ऐप का इस्तेमाल करने वाले फ्लायर्स अगर इनकम टैक्स फाइल नहीं करते तो उन्हें IT विभाग से नोटिस मिल सकता है. इसमें दावा किया गया था कि टैक्स विभाग 2025 में डिजी यात्रा डेटा के आधार पर नोटिस जारी करना शुरू कर देगा.

इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया कि IT विभाग ने डिजी यात्रा ऐप पर कैप्चर किए गए यात्रियों के पूरे डेटा को एक्सेस कर लिया है. और घोषित आय में गड़बड़ी की जांच करने के लिए इसका टैक्स फाइलिंग डेटा के साथ मिलान किया जा रहा है.

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CEO ने क्या बताया?

डिजी यात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खड़कभवी ने भी लिंक्डइन पर एक पोस्ट में इन रिपोर्ट्स को खारिज किया. उन्होंने गोपनीयता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की बात करते हुए कहा कि अज्ञात सोर्सेज़ पर आधारित डिजी यात्रा डेटा के दुरुपयोग के बारे में निराधार दावे हैं. उन्होंने कहा कि डिजी यात्रा किसी भी सेंट्रल रिपॉजिटरी में कोई Personally Identifiable Information (PII) रखे बिना काम करती है. ये सुनिश्चित करता है कि यूजर्स की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए कोई डेटाबेस ब्रीच, शेयर या लीक नहीं किया जा सकता है.

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डिजीयात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खड़कभवी ने भी इन रिपोर्ट्स को खारिज किया.

इंटरनेशनल ट्रैवलर्स के फाइनेंशियल रिकॉर्ड की जांच को लेकर सुरेश खड़कभवी ने सफाई देते हुए बताया कि ये दावा भी गलत है. उन्होंने लिखा कि डिजी यात्रा अभी तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा कोई सेंट्रल रिपॉजिटरी न होने के कारण, रिकॉर्ड की जांच और उसमें कोरिलेशन संभव नहीं है.

खड़कभावी ने ये भी कहा कि डिजीयात्रा एयर ट्रैवल उपलब्ध कराने और ईमानदारी के साथ नागरिकों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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