हाल ही में सीनियर IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन का एक महिला अधिकारी को कथित तौर पर गाली देने का वीडियो वायरल हुआ था. इसको लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है. जम्मू-कश्मीर सरकार ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है. कई नेताओं ने भी सीनियर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
'गेट आउट' बोलकर महिला अफसर पर चीखे IAS, सीएम तक पहुंचा वीडियो, फिर..
गुरुवार, 15 अक्टूबर को एक वीडियो सामने आया था. इसमें मिशन युवा (Mission YUVA) को लेकर अधिकारियों के साथ हो रही एक समीक्षा बैठक चल रही थी. इस दौरान रंजन ने कथित तौर पर महिला अधिकारी बीनिश वानी को गाली दी और ये भी कहा कि वो उनसे हमेशा इसी तरह से बात कर सकते हैं.

पूरा मामला क्या है, जानते हैं.
गुरुवार, 15 अक्टूबर को एक वीडियो सामने आया था. इसमें मिशन युवा (Mission YUVA) को लेकर अधिकारियों के साथ हो रही एक समीक्षा बैठक चल रही थी. इस दौरान रंजन ने कथित तौर पर महिला अधिकारी बीनिश वानी को गाली दी और ये भी कहा कि वो उनसे हमेशा इसी तरह से बात कर सकते हैं. वीडियो में वो महिला अधिकारी को ‘गेट आउट’ कहते भी दिखते हैं. इसके अलावा उन्हें धमकाते हुए कहते हैं, ‘तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस तरह बात करने की?’
आरोप है कि जब महिला अधिकारी ने उनकी भाषा को लेकर आपत्ति जताई, तो उन्होंने अपने सहयोगी (अधीनस्थ) अधिकारी से कहा कि वो महिला अधिकारी का सस्पेंशन ऑर्डर तैयार करें.
अगर जम्मू-कश्मीर राज्य होता तो...वीडियो वायरल होने के बाद इसको लेकर बवाल शुरू हुआ. इस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नाराजगी जाहिर की. सीएम ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव के सामने इस मुद्दे को बेहद सख्ती से उठाया है. मुख्यमंत्री ने कहा,
' मैंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा सरकारी ऑनलाइन बैठक का वीडियो देखा है. पहली नजर में सीनियर अधिकारी का व्यवहार एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं था. इसके अलावा ये और भी गंभीर बात है कि एक जूनियर JKAS अधिकारी को धमकी दी गई. मैंने मुख्य सचिव के सामने इस मुद्दे को बेहद सख्ती से उठाया है.'
उन्होंने आगे कहा,
'केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण दुर्भाग्य से IAS अधिकारियों पर लोक भवन का नियंत्रण है. लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर मैंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि JKAS महिला अधिकारी के खिलाफ बदले की भावना से कोई कार्रवाई न हो.'
अब्दुल्ला ने कहा,
'अगर जम्मू-कश्मीर एक राज्य होता, तो जिस IAS अधिकारी को एक युवा JKAS अधिकारी को गाली देते हुए देखा गया है, उसे जांच पूरी होने तक सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से अटैच कर दिया जाता.'
उन्होंने आगे कहा,
'केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते हम उम्मीद करते हैं कि IAS अधिकारियों पर नियंत्रण रखने वाले अधिकारी सही उदाहरण पेश करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि गाली देने और धमकाने जैसे व्यवहार को नजरअंदाज न किया जाए.'
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सरकार की ओर से जारी जांच के आदेश में कहा गया कि सरकार ने IAS मंदीप कौर को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें यह जांच करनी है कि IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन ने JKAS अधिकारी बीनिश वानी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया था या नहीं. जांच अधिकारी को 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी.
NCW ने भी कार्रवाई की मांग कीदूसरी तरफ राष्ट्रीय महिला आयोग ने मुख्य सचिव अतुल डुल्लू से सात दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने कहा कि उसने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें कथित तौर पर रंजन एक जूनियर महिला अधिकारी को मौखिक रूप से गाली देते, अपमानित करते और धमकी देते नजर आ रहे हैं. आयोग ने कहा,
'महिला अधिकारी को कार्यस्थल पर उत्पीड़न, बदले की भावना से की जाने वाली कार्रवाई और पेशेवर नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए. उन्हें सुरक्षा और सहायता भी दी जानी चाहिए.'
आयोग ने आगे कहा,
'हर महिला अधिकारी को सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण माहौल में काम करने का अधिकार है. अपने पद का गलत इस्तेमाल करना और कार्यस्थल पर किसी को अपमानित करना बेहद गंभीर मामला है. ऐसे मामलों को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए.'
इस बवाल के बीच, जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) के अधिकारियों ने काम बंद रखकर विरोध जताया.
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