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Re-NEET से पहले लॉ स्टूडेंट ने पेपर लीक का दावा किया, कई छात्र पैसे देकर उल्लू बन गए

Indore law student arrested NEET exam: इंदौर क्राइम ब्रांच ने NEET एग्जाम का फर्जी क्वेश्चन पेपर बेचने के आरोप में एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है. बताया गया कि आरोपी बच्चों को गुमराह करता था कि उसके पास असली प्रश्न पत्र है. अगर पेपर चाहिए, तो ऑनलाइन पेमेंट करना. रकम भी सिर्फ 50 से 200 रुपये थी.

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आरोपी लॉ का छात्र है. (फोटो-ANI)

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  • इंदौर क्राइम ब्रांच की SIT ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का फर्जी प्रश्न पत्र ऑनलाइन बेचने के आरोप में 19 वर्षीय लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है।
  • अक्षय मालवीय ने इंस्टाग्राम पर यह दावा कर छात्रों को AI जनित नकली NEET पेपर और स्टडी मटेरियल बेचने के लिए 50 से 200 रुपये तक की ऑनलाइन पेमेंट ली थी, जिससे धोखाधड़ी हुई।
  • गिरफ्तारी के बाद जांच जारी है कि अक्षय ने अकेले यह काम किया या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, और आरोप IT एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।

इंदौर क्राइम ब्रांच की SIT ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) एग्जाम का फर्जी प्रश्न पत्र बेचने के आरोप में एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है. 19 वर्षीय आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के तौर पर हुई है. अक्षय सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर छात्रों को नीट पेपर देने का दावा कर रहा था. असल में ये पेपर AI जनरेटेड थे. 

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अक्षय मालवीय 20 जून को अरेस्ट किया गया. वो आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया का रहने वाला है. इंदौर लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मालवीय ने Instagram पर एक अकाउंट बनाया था. इस पर पोस्ट शेयर कर उसने दावा किया कि उसके पास परीक्षा से पहले NEET का क्वेश्चन पेपर और खास स्टडी मटेरियल है. अगर ये चाहिए, तो प्रोफाइल में जाकर एक लिंक पर क्लिक करना है. बदले में 50 से 200 रुपये तक की ऑनलाइन पेमेंट मांगी गई.

पैसे भेजने के बाद छात्रों को कथित पेपर और मटेरियल दिया जाता था. जांच अधिकारियों ने बताया कि छात्रों को दी गई PDF कथित तौर पर पुराने NEET क्वेश्चन पेपर, पहले से उपलब्ध स्टडी मटेरियल और जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल करके तैयार की गई थीं. इसके बाद कॉन्टेंट को असली एग्जाम पेपर के तौर पर पेश कर बेचा गया.

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20-35 छात्रों ने ऑनलाइन पेमेंट की

एक्सप्रेस ने क्राइम ब्रांच के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से लिखा,

“हमने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. वह इंस्टाग्राम पर झूठे दावे कर रहा था कि उसके पास NEET परीक्षा का पेपर है. जांच में पता चला कि उसके पास कोई असली पेपर नहीं था. उसने सवाल बनाने के लिए ChatGPT जैसे AI टूल का इस्तेमाल किया था. फिर उन सवालों के सेट को छात्रों को लीक हुए पेपर बताकर बेच दिया.”

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि 20 से 35 स्टूडेंट्स ने UPI और दूसरे ऑनलाइन पेमेंट के जरिए आरोपी को पैसे भेजे होंगे. 

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रिपोर्ट में बताया गया कि अक्षय मालवीय के फर्जी नीट पेपर लीक की जानकारी राजस्थान पुलिस ने दी थी. कोटा पुलिस ने आरोपी के संबंध में इंदौर पुलिस को एक मेल भेजा था. इसके बाद एक SIT एक्टिव हुई और आरोपी को अरेस्ट किया गया. आरोपी पर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने तक मामले को जानबूझकर गोपनीय रखा गया. ताकि एग्जाम में कोई बाधा न आए या उम्मीदवारों के बीच घबराहट न फैले. आगे जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने अकेले यह काम किया या वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था.

राजस्थान से भी पकड़ा गया नीट का आरोपी

राजस्थान पुलिस ने भीलवाड़ा के एक 19 साल के छात्र को अरेस्ट किया. वह 'पेपर माफिया' नाम के टेलीग्राम चैनल के जरिए NEET से जुड़े नकली प्रश्न-पत्र बेच रहा था. आरोपी आकाश चौधरी अपनी पहचान छिपाने के लिए US-आधारित VPN और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल करके चैनल यूज कर रहा था.

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