The Lallantop

खामेनेई पर लिखी थी पोस्ट, 3 महीने बिताए जेल में, सऊदी अरब से लौटे कश्मीरी ने सुनाई आपबीती

Jammu Kashmir के अमजद अली भट सऊदी अरब के डिटेंशन सेंटर से तीन महीने बाद घर लौटे हैं. ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei पर पोस्ट करने की वजह से उन्हें हिरासत में लिया गया था.

Advertisement
post-main-image
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर पर पोस्ट करने की वजह से हिरासत में लिया गया था. (सांकेतिक फोटो)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • अमजद अली भट को सऊदी अरब के एक अज्ञात डिटेंशन सेंटर से रिहा कर तीन महीने बाद 17 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के बारामूला उनके घर भेजा गया।
  • अमजद के खिलाफ 5 मार्च को फेसबुक पर ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर पर पोस्ट करने के कारण सऊदी सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर डिटेंशन सेंटर में रखा।
  • रिहाई के बाद अमजद ने अपनी बात अपने परिवार से की और उनके पिता ने बताया कि अमजद अब विदेश दोबारा नहीं जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में बारामूला के रहने वाले अमजद अली भट (29) आखिरकार घर लौट आए हैं. वे बीते तीन महीनों से सऊदी अरब के एक अज्ञात डिटेंशन सेंटर में बंद थे. अमजद ने बताया कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के बारे में उन्होंने फेसबुक पोस्ट की थी, इसलिए उनके खिलाफ एक्शन लिया गया. इस दौरान उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और घरवालों से बात करने की इजाजत नहीं दी गई.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
अमजद ने सुनाई आपबीती

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुतााबिक, 17 जुलाई को भारत लौटे अमजद ने अपनी आपबीती सुनाई. उन्होंने कहा, 

“मैं 25 मार्च को सऊदी अरब के दम्मम में अपनी नौकरी की जगह पर था, तभी कम से कम छह सुरक्षा अधिकारी मुझे पूछताछ के लिए ले गए. उन्होंने कहा कि इसमें दो घंटे लगेंगे. मैंने उनकी बात मान ली. वे मुझे पुलिस स्टेशन ले गए. वहां, उन्होंने मुझसे एक कागज पर दस्तखत करने को कहा और उससे पहले मेरा पासपोर्ट और दूसरे पहचान-पत्र जब्त कर लिए.”

Advertisement

अमजद से 5 मार्च के उनके फेसबुक पोस्ट के बारे में पूछा गया, जिस पर उन्होंने हामी भरी. पुलिस को उन्होंने बताया कि ‘वह सिर्फ शोक व्यक्त करने वाला पोस्ट था. इससे ज्यादा कुछ नहीं.’

तीन महीने बंद रखा

इसके बाद अधिकारी अमजद को एक डिटेंशन सेंटर ले गए, जहां उन्हें छह दूसरे लोगों के साथ एक छोटे से कमरे में रखा गया. अमजद ने कहा, 

"जब मैंने उनसे आरोपों के बारे में पूछा, तो उन्होंने बस इतना कहा कि मुझे बाद में पता चल जाएगा." 

Advertisement

उस सेंटर में बांग्लादेश, पाकिस्तान, यमन, मिस्र और सीरिया के लोग भी रखे गए थे. उन्होंने आगे कहा, 

“लगभग हर दूसरे दिन पूछताछ होती थी. मुझे शक था कि क्या मैं कभी रिहा हो पाऊंगा या नहीं. हिरासत के दौरान मुझे अपने परिवार से बात करने की भी इजाजत नहीं थी.”

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में खो गया इंडियन पासपोर्ट, भारतीय नागरिक हैं ये साबित करने में 6 साल लग गए

'अब दोबारा विदेश नहीं जाएगा'

25 जून को अमजद को बताया गया कि उन्हें रिहा किया जा रहा है और भारत भेजा जा रहा है. अमजद ने बताया कि सऊदी अधिकारियों ने रियाद से दिल्ली के लिए एक फ्लाइट का इंतजाम किया और वे आखिरकार बारामूला पहुंच गए. अमजद के पिता गुलाम अली भट का कहना है कि वह अब दोबारा विदेश नहीं जाएगा. 

वीडियो: भारतीय पासपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय के बयान पर भड़के जावेद अख्तर

Advertisement