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नए साल में पहाड़ों पर जाएं, लेकिन ये पढ़ने के बाद ही प्लान बनाएं वर्ना बुरा फंसेंगे

नए साल में पहाड़ों पर जाएंगे और वहां के शानदार नज़ारों का लुत्फ़ उठाएंगे, किसी आलीशान कैफ़े में आरामदायक शाम बिताएंगे. हो सकता है ये सब आपके दिमाग में चल रहा होगा. लेकिन इस प्लानिंग पर फिर से विचार की ज़रूरत है.

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'मनाली और सोलंग वैली, कोई भी यहां मत आना!' (फ़ोटो, PTI के कैमरे में 29 दिसंबर को दर्ज की गई थी.)

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  • 1 जनवरी, 2025 को नए साल के अवसर पर मनाली, मसूरी और जम्मू जैसे पहाड़ी इलाक़ों में पर्यटक भीड़ बढ़ने का अनुमान है, जिसके चलते प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
  • पर्यटकों की भारी संख्या और मौसम की ठंडक, कोहरे तथा बर्फबारी की वजह से पहाड़ी मार्गों पर ट्रैफिक जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे हाल के सालों में कई बार बड़े जाम देखे गए हैं।
  • सरकार ने बढ़ती भीड़ और मौसमीय चुनौतियों के मद्देनज़र सावधानी बरतने के सुझाव दिए हैं, जैसे पार्किंग नियमों का पालन, भीड़-भाड़ से बचाव और समय से पहले आवास बुकिंग, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।

कल 1 जनवरी, 2025 की तारीख़ होगी. नए साल की शुभकामनाएं आप हमसे आज ही ले लीजिए. नए साल की आमद के साथ बहुत संभव है कि आप घूमने का प्लान बना रहे होंगे (New Year mountain plan). ख़ासकर मनाली, मसूरी या जम्मू जाने का प्लान. आप सोच रहे होंगे कि भीड़भाड़ और तनाव से निकलकर शांत पहाड़ों पर जाएं और वहां के शानदार नज़ारों का लुत्फ़ उठाएं, किसी आलीशान कैफ़े में आरामदायक शाम बिताएं. लेकिन ठहरिए! आपको अपने प्लान पर फिर से सोचने की ज़रूरत है.

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कारण? वैसे तो बढ़ती ठंड या प्राकृतिक आपदाएं भी कारण हो सकती हैं, जिसके लिए सरकार और संस्थाएं एडवाज़री भी जारी करती रहती हैं. लेकिन हम जो कारण बता रहे हैं, वो अलग है. हो सकता है जिस भीड़ और तनाव से बचने के लिए आप पहाड़ों पर जाने का सोच रहे हैं, वो आपको वहां भी मिल जाए. जी! ऐसे कई क़िस्से हालिया दिनों में सामने आए हैं, जब सैलानियों को जाम के चलते पहाड़ों में 24-24 घंटों तक गाड़ी में ही इंतजार करना पड़ा है.

हाल ही में एक ऐसा क़िस्सा एक सोशल मीडिया यूज़र चकी त्यागी ने भी सुनाया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट किया और लिखा,

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"मनाली और सोलंग वैली, कोई भी यहां मत आना!"

चकी त्यागी के पोस्ट में देखा जा सकता है कि गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रही हैं. उन्होंने दावा किया कि वो कई घंटों तक जाम में फंसे रहे. उनके अलावा सैकड़ों अन्य गाड़ियां भी रुकी पड़ी थीं. त्यागी ने बताया कि एक गाड़ी हिमाचल प्रदेश के एक SDM की थी.

एक क़िस्सा दिल्ली NCR की रहने वाली 25 साल की पायल पोरवाल ने सुनाया. उनका कहना है कि कुख्यात 'न्यू ईयर रश' से बचा जा सके, इसके लिए उन्होंने नए साल से एक हफ़्ता पहले ही मनाली जाने की प्लानिंग की.

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लेकिन उनका ये प्लान तब चौपट हो गया, जब नो मनाली के प्रतिष्ठित हॉटस्पॉट सोलंग वैली की यात्रा के दौरान 24 घंटे तक फंसी रहीं. इंडिया टुडे के साथ बातचीत में उन्होंने बताया,

“हमने सोचा था कि हम सोलंग में सिर्फ 2-3 घंटे घूमेंगे और फिर वापस लौट आएंगे. लेकिन हम एक ही जगह पर फंस गए. वो तो भला हुआ एक स्थानीय परिवार का, जिन्होंने इस दौरान हमें अपना टॉयलेट इस्तेमाल करने दिया. हालात तब और खराब हो गए, जब दो घंटे बाद ट्रैफ़िक चलना शुरू हुआ, लेकिन अफ़रा-तफ़री मच गई. क्योंकि अधीर लोग आगे निकलने की कोशिश में एक-दूसरे को ओवरटेक करने लगे. इससे एक और ट्रैफ़िक जाम हो गया और हम पूरी रात उसी इलाके में फंसे रहे. बाद में जैसे-तैसे हम वहां से निकल पाए.”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि 27 दिसंबर को 10,000 पर्यटक सोलंग घाटी में फंस गए थे, जब भयंकर बर्फीले तूफान ने इलाक़े को अस्त-व्यस्त कर दिया था. इस दौरान क़रीब 2,000 वाहन फंस गए जिनमें से सिर्फ 100 ही निकल पाए. क्योंकि कई ड्राइवर मौके से गायब थे. इस घटना ने ख़ूब सुर्खियां बटोरी थीं.

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30 दिसंबर को मनाली में लगी भीड़. (फ़ोटो - PTI)

भारत में नए साल पर घूमने-फिरने का चलन बढ़ रहा है. लेकिन इससे ट्रैफ़िक के बढ़ने की भी ख़बरें आती रहती हैं. बीते साल हिमाचल प्रदेश में एक त्योहारी सीज़न के दौरान भारी ट्रैफ़िक जाम हुआ था. रिपोर्ट बताती है कि इस वजह से लगभग 55,000 से ज़्यादा पर्यटक अलग-अलग इलाक़ों में फंसे थे. इस साल भी ऐसी ही स्थिति की आशंका जताई जा रही है.

ठंड, कोहरा बढ़ेंगे

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अत्यधिक ठंड और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है. कोहरे से भरे हाईवे और बर्फ से लदे पहाड़ी स्टेशनों पर दुर्घटनाएं बढ़ी हैं. उत्तराखंड के लिए स्थिति और ख़राब है. क्योंकि हाल ही में रक्षा भूसूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) -DRDO की लैबॉरेटरी- ने बर्फबारी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

अब, अगर आप अभी भी नए साल में यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं, तो कुछ सुझाव लेते जाइए. इसे मनाली प्रशासन ने जारी किया है-

- सही तरीके से पार्क करना याद रखें, क्योंकि इसका पालन न करने से ट्रैफिक जाम हो सकता है.

- अगर आप बच्चों और वृद्धों के साथ जा रहे हैं, तो भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें.

- अपने ग्रुप के साथ ही रहें और अन्य ग्रुप्स के साथ बातचीत न करें. क्योंकि इससे 'उपद्रव' उत्पन्न हो सकता है.

- नए साल के दौरान होटल के किराए और परिवहन लागत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, ये मानकर चलें. बहुत ज़्यादा फ़ीस से बचने के लिए अपने ठहरने की बुकिंग महीनों पहले ही कर लें या होमस्टे या गेस्टहाउस जैसे बजट-अनुकूल विकल्प चुनें.

- यात्रा करते समय हमेशा अपने वाहन में नाश्ता और खाने-पीने के लिए तैयार खाद्य पदार्थ रखें. यात्रा करते समय कूड़ा न फैलाएं.

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