The Lallantop

सरकारी स्कूल में छात्र के यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला, आरोपी टीचर गिरफ्तार

घटना महाराष्ट्र के लातूर की है. सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने इंटरनल जांच के बाद शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पिछले हफ्ते POCSO के तहत मामला दर्ज किया था.

Advertisement
post-main-image
प्रिंसिपल ने इंटरनल जांच के बाद दर्ज कराई थी शिकायत. (AI Image)

महाराष्ट्र के लातूर से मेल स्टूडेंट्स के यौन उत्पीड़न (Male Student Sexual Harassment In Latur) का मामला सामने आया है. यौन उत्पीड़न का आरोप जिले के एक सरकारी स्कूल के टीचर (Government School Teacher) पर है. पुलिस ने आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया है. स्थानीय पुलिस ने मंगलवार 1 अप्रैल को यह जानकारी दी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने इंटरनल जांच के बाद शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पिछले हफ्ते POCSO के तहत मामला दर्ज किया था. आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

यह भी पढ़ेंः रोजाना 8 किसान कर रहे खुदकुशी! महाराष्ट्र सरकार का सनसनीखेज कबूलनामा

Advertisement

पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि आरोपी टीचर ने कथित तौर पर अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच 12 वर्षीय स्टूडेंट्स का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था.

यौन उत्पीड़न के आरोपी की ज़मानत ठुकराई

दूसरी तरफ एक दूसरे मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2023 में नाबालिग छात्रा से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी स्कूल बस ड्राइवर को ज़मानत देने से इनकार कर दिया. न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि अपराध “गंभीर, चिंताजनक और जघन्य” है. मामले में सुनवाई कर रही जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने कहा, 

आरोपी को बच्चों को स्कूल से सुरक्षित लाने-ले जाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन बस को रोकना, पीड़ित बच्ची को सुनसान जगह पर ले जाना और उसका यौन उत्पीड़न करना एक बहुत ही गंभीर, चिंताजनक और जघन्य अपराध था.

Advertisement

बेंच ने आरोपी की ज़मानत अर्ज़ी खारिज करते हुए कहा कि कोई मामला नहीं बनता. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी ने सेकंड क्लास की छात्रा का यौन उत्पीड़न किया था. आरोपी ने ज़मानत मांगते हुए कहा कि वह मार्च 2023 से जेल में है और दोषी पाए जाने पर उसे दी जाने वाली अधिकतम सज़ा का एक तिहाई हिस्सा पूरा कर चुका है. 

यह भी पढ़ेंः महाराष्ट्र के बीड में ईद से पहले मस्जिद के पास धमाका, फडणवीस बोले- "पता चल गया है, किसने किया"

इस पर जस्टिस जामदार ने कहा कि लंबी कैद के आधार पर ज़मानत देते समय भी अदालत को किए गए अपराध की प्रकृति और गंभीरता पर विचार करना होगा. अदालत ने कहा, “रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों से साफ तौर से पता चलता है कि आरोपी एक बहुत ही गंभीर और जघन्य अपराध में शामिल है.” जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई जल्दी पूरी करने का निर्देश दिया है.

वीडियो: डिवोर्स के बिना दूसरी शादी को लेकर तेलंगाना कोर्ट ने ये फैसला दिया

Advertisement