The Lallantop

अब पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा? सरकार ने विंडफॉल टैक्स में कटौती कर दी

Petrol-diesel price today: भारत सरकार ने डीजल, पेट्रोल और ATF यानी विमान ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगने वाली लेवी पर कटौती की है. ये नई दरें 16 सितंबर से लागू हो चुकी हैं. मगर क्या पेट्रोल, डीजल और सस्ता हो जाएगा?

Advertisement
post-main-image
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की. (फाइल फोटो)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • भारत सरकार ने 16 सितंबर से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती करते हुए डीजल का टैक्स 25 रुपए से 20 रुपए प्रति लीटर किया है।
  • सरकार ने मार्च 2026 में वेस्ट एशिया में तनाव के कारण पेट्रोल और डीजल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स लगाया था ताकि घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे और कंपनियां अत्यधिक मुनाफे के लिए ज्यादा मात्रा में एक्सपोर्ट न करें।
  • इस टैक्स में कटौती का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर नहीं होगा क्योंकि यह केवल एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स है, और इसके तहत पेट्रोल-डीजल की घरेलू एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

भारत सरकार ने 5 रुपए तक विंडफॉल टैक्स घटा दिया है. तो इसके बाद अब पेट्रोल-डीजल क‍ितना और कब से सस्ता हो जाएगा? अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो इसके पीछे का पूरा गणित समझ लीजिए. 17 स‍ितंबर की सुबह सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है. 

Advertisement

सरकार ने डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला कुल लेवी 25 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 20 रुपए कर दिया है. यानी इसमें सीधे 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती हुई है. वहीं पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स 1.5 रुपए से घटाकर सिर्फ 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है. इसके अलावा ATF यानी विमान ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगने वाली लेवी 19 रुपए से घटाकर 15 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है. 

ये नई दरें 16 सितंबर से लागू हो गई हैं और अगले 15 दिन तक लागू रहेंगी. सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर लगने वाले इस टैक्स की हर दो हफ्ते में समीक्षा करती है.

Advertisement
क्या पेट्रोल-डीजल भी सस्ता होगा?

फिलहाल ऐसा नहीं कहा जा सकता, क्योंकि सरकार ने जिस टैक्स में कटौती की है, वो भारत में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर नहीं, बल्कि इनके एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स है.

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, डोमेस्टिक कंजम्पशन के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी इस फैसले का सीधा फायदा पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल भरवाने वाले ग्राहक को नहीं मिलेगा. तो फिर सवाल उठता है कि सरकार ने ये टैक्स क्यों घटाया?

सरकार ने मार्च 2026 में वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने के बीच पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर ये लेवी लगाई थी. मकसद था कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, तो कंपनियां ज्यादा मुनाफे के लिए बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल बाहर न भेजें और देश में इनकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे. बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों के हिसाब से इस लेवी को हर पंद्रह दिन पर बदला जाता रहा है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: पेट्रोल-डीजल को लेकर एक भयानक खबर आई है!

विंडफॉल टैक्स क्या है?

विंडफॉल टैक्स यानी ऐसा एक्स्ट्रा टैक्स, जो सरकार उन कंपनियों या इंडस्ट्री पर लगाती है, जिन्हें अचानक और उम्मीद से कहीं ज्यादा मुनाफा होता है. ‘विंडफॉल’ का मतलब है अचानक मिला बड़ा फायदा या मुनाफा, और ‘टैक्स’ यानी उस मुनाफे पर लगाया जाने वाला टैक्स. उदाहरण के तौर पर अगर कच्चे तेल की कीमत अचानक बहुत बढ़ जाए और तेल कंपनियों को सामान्य से बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगे, तो सरकार उस एक्स्ट्रा प्रॉफ़िट पर विंडफॉल टैक्स लगा सकती है.

तो इस बार सरकार ने एक्सपोर्ट लेवी में कटौती की है. यानी पेट्रोल-डीजल के कस्टमर के लिए कीमत उतनी ही रहेगी.

वीडियो: खर्चा पानी: क्या E20 पेट्रोल पर मोदी सरकार पलट गई?

Advertisement