गोवा में SIR के बाद जो फाइनल लिस्ट तैयार की गई थी उसमें 97 योग्य वोटर्स के नाम शामिल नहीं थे. इस बात का खुलासा इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में हुआ. इसे लेकर देश भर में काफी बवाल भी हुआ था. चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई सवाल खड़े हुए. अब गोवा चीफ इलेक्टोरल ऑफिस (CEO) ने बताया है कि इनमें से 88 वोटर्स का फॉर्म-6 मंजूर कर लिया गया है.
गोवा SIR विवाद: 97 में से 88 वोटरों के नाम फिर से शामिल, तीन पुर्तगाली निकले
गोवा SIR विवाद के बाद अब नया अप़डेट सामने आया है. 21 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट तैयार की गई थी. इसमें 97 योग्य वोटर्स के नाम शामिल नहीं किए गए थे. अब गोवा चीफ इलेक्टोरल ऑफिस ने बताया है कि इनमें से 88 वोटर्स का नाम जोड़ लिया गया है.

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, फ़ॉर्म 6 वो आवेदन है जिसका इस्तेमाल योग्य नागरिक नए वोटर के तौर पर मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए करते हैं. 1 अक्टूबर को गोवा CEO ने पोस्ट कर बताया है कि जिन 97 वोटर्स के नाम पर विवाद चल रहा है उनमें से तीन वोटर्स पुर्तगाली हैं और बाकी 6 भारत से बाहर रहते हैं.

स्टेटस रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि ECI के निर्देशों के बाद, गोवा में एक स्पेशल ड्राइव चलाया जाएगा. इससे उन योग्य नागरिकों को वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सकेगा जो छूट गए हैं. साथ ही पहली बार वोट देने वालों को भी जो अभी तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं, उन्हें भी शामिल किया जाएगा. इससे पहले गोवा CEO ने बताया था कि इन वोटर्स के नाम वापस जोड़ने के लिए बूथ लेवल अफसर (BLO) उनके घर गए थे और उन्हें फॉर्म-6 भरने में मदद की.
गोवा CEO ने ये भी कहा कि अधिकारी उन लोगों से बात कर रहे हैं, जो भारत के बाहर रहते हैं. अब बात उन तीन वोटर्स की करते हैं जो पुर्तगाली हैं. भारतीय सिटीजनशिप एक्ट 1955 के तहत भारत सरकार एक व्यक्ति की दो देशों की नागरिकता को मान्यता नहीं देता है. अगर किसी ने विदेश में किसी देश की नागरिकता ली है तो भारतीय नागरिकता अपने-आप ख़त्म हो जाती है.
अब ये समझ लीजिए कि पुर्तगाली नागरिक कैसे बने? आज़ादी से पहले गोवा एक पुर्तगाली टेरिटरी हुआ करता था. अगर कोई 1961 से पहले गोवा में जन्मा है तो वो और उसके बच्चे पुर्तगाली नागरिकता के लिए अप्लाई कर सकते हैं. दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें पुर्तगाल की नागरिकता मिल जाती है. ऐसे में भारतीय नागरिकता लैप्स कर जाती है और उन्हें विदेशी नागरिक मान लिया जाता है.
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कैसे कटे थे 97 नाम?इंडियन एक्सप्रेस से जुड़ीं रितिका चोपड़ा की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में 21 फरवरी को पब्लिश हुई फाइनल वोटर लिस्ट में 97 योग्य वोटर्स के नाम शामिल नहीं किए गए. पता चला कि गोवा CEO ने उन्हें योग्य माना था. इसके बावजूद उनके नाम शामिल हुए. रिपोर्ट के मुताबिक, ECI का सॉफ़्टवेयर इस अपडेट को रिकॉर्ड करने की इजाज़त नहीं दे रहा था. अधिकारियों के कई बार मेल भेजने के बाद भी इनके नाम नहीं जुड़े.
इसपर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति भी जताई थी. मगर रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन आपत्तियों के बावजूद ECI के सॉफ्टवेयर में कोई बदलाव नहीं किया गया. इस कथित धांधली के विरोध में आज देश भर में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही है.
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