The Lallantop

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय अधिकारी पहुंचे पाकिस्तान, SCO बैठक में होंगे शामिल

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध इस वक्त बेहद तनावपूर्ण हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बहुत बढ़ गया है. पहलगाम अटैक के बाद पहली बार भारतीय अधिकारी SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं.

Advertisement
post-main-image
SCO की बैठक में सभी देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए (COURTSEY- Pakistan Foreign Office)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय अधिकारी आलोक डिमरी पाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन के नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की बैठक में शामिल होने के लिए गए हैं।
  • भारत ने पाकिस्तान भेजे गए अधिकारी को SCO के सदस्य के रूप में बैठक में भाग लेना आवश्यक समझा क्योंकि भारत इंटरनेशनल संगठनों का सम्मान करता है और इस संबंध ने इसे प्रेरित किया।
  • 2027 में पाकिस्तान में SCO शिखर सम्मेलन होने वाला है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन उनकी भागीदारी का निर्णय भारतीय सरकार करेगी।

मई 2025 में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं. दरअसल इसी हफ्ते पाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की बैठक है. SCO की नेशनल कोऑर्डिनेटर्स काउंसिल की बैठक हर साल बारी-बारी से चुने जाने वाले चेयरमैन की अध्यक्षता में होती है. 31 अगस्त-1 सितंबर 2026 को बिश्केक समिट के बाद पाकिस्तान ने SCO की अध्यक्षता संभाली थी. इस्लामाबाद में हुई इस बैठक में 1998 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस के अफसर आलोक डिमरी को भेजा गया है.

Advertisement
भारत ने अधिकारी क्यों भेजा?

एक सवाल उठ रहा है कि पाकिस्तान से ऐसे संबंधों के बीच भारत ने अपना अफसर क्यों भेजा? दरअसल SCO के सदस्य के तौर पर भारत के लिए इस बैठक में शामिल होना जरूरी था. चूंकि भारत शुरु से ही ऐसे इंटरनेशनल संगठनों का सम्मान करता आया है. इसलिए भारतीय अधिकारी को इस्लामाबाद भेजा गया. भारत ने IFS आलोक डिमरी को भेजा. IFS आलोक डिमरी विदेश मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी हैं. वह किर्गिस्तान में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं. उन्होंने G20 और BRICS के लिए जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर भी काम किया है. साथ ही वो चीन, मंगोलिया और न्यूयॉर्क में भी पोस्टेड रह चुके हैं.

Advertisement
पीएम मोदी जा सकते हैं पाकिस्तान

SCO के सदस्य देश हर साल शिखर सम्मेलन आयोजित करते हैं. आमतौर पर इन सम्मेलनों में सदस्य देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति हिस्सा लेते हैं. पाकिस्तान में ये अगले साल यानी 2027 में होना है. ऐसे में वो निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित करेगा. तारीखों की घोषणा अभी बाकी है. प्रधानमंत्री इसमें शामिल होंगे या नहीं, यह फैसला सरकार पर निर्भर होगा. भारत ने पाकिस्तान में हुए SAARC शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया था. 2016 के बाद से पीएम मोदी ने वहां की यात्रा भी नहीं की है. 

(यह भी पढ़ें: पहलगाम हमला: 'डिफेंस अताशे' कौन होते हैं और उनका काम क्या है? भारत के एक्शन की वजह जान लीजिए)

पहलगाम के बाद वापस बुलाए गए थे अधिकारी

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के डिफेंस अटैची को 'Persona Non Grata' यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया था. उन्हें एक हफ्ते में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था. Persona Non Grata घोषित किए जाने का मतलब है कि उस व्यक्ति को किसी विशेष देश में राजनयिक या विदेशी, किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा. Persona Non Grata लैटिन भाषा का शब्द है जिसका इस्तेमाल कूटनीति/डिप्लोमेसी में होता है. 

Advertisement

वीडियो: पाकिस्तान की ओछी हरकत, SCO Summit की ग्रुप फोटो से पीएम मोदी की तस्वीर हटाई

Advertisement